स्वतंत्र बोल
नई दिल्ली 30 सितम्बर 2026 : कक्षा 9 की नई सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तक में भारत के राष्ट्रीय ध्येय वाक्य ‘सत्यमेव जयते’ और सुप्रीम कोर्ट के ध्येय वाक्य ‘यतो धर्मस्ततो जयः’ के स्रोतों का उल्लेख किया गया है। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने ‘Understanding Society: India and Beyond-Part Two’ नाम की यह किताब 29 सितंबर 2026 को जारी की। इसका पहला भाग जून में जारी किया गया था।
पुस्तक के ‘शासन और सार्वजनिक नीति’ अध्याय में बताया गया है कि ‘सत्यमेव जयते’ का संबंध मुंडकोपनिषद से है। वहीं सुप्रीम कोर्ट का ध्येय वाक्य ‘यतो धर्मस्ततो जयः’ महाभारत से लिया गया है।
‘सत्यमेव जयते’ का स्रोत क्या है?
नई पाठ्यपुस्तक के अनुसार भारत का राष्ट्रीय ध्येय वाक्य ‘सत्यमेव जयते’ मुंडकोपनिषद से जुड़ा है। इसका अर्थ है- ‘सत्य की ही विजय होती है।’ किताब में बताया गया है कि स्वतंत्रता के बाद भारतीय संस्थानों ने शासन से जुड़े पारंपरिक विचारों और मूल्यों को अपनाना जारी रखा। इन्हें आधुनिक लोकतंत्र की जरूरतों के अनुरूप ढाला गया। पुस्तक में ब्रिटिश काल के ‘ऑर्डर ऑफ द स्टार ऑफ इंडिया’ के ध्येय वाक्य का भी उदाहरण दिया गया है। इसका मोटो ‘Heavens Light, Our Guide’ था। आजादी के बाद भारत ने मुंडकोपनिषद से ‘सत्यमेव जयते’ को राष्ट्रीय ध्येय वाक्य के रूप में अपनाया।
सुप्रीम कोर्ट का ध्येय वाक्य कहां से लिया गया?
पुस्तक के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट का ध्येय वाक्य ‘यतो धर्मस्ततो जयः’ महाभारत से लिया गया है।इसका अर्थ है- ‘जहां धर्म यानी सदाचार और कर्तव्य है, वहीं विजय है।’ NCERT की किताब में कहा गया है कि ऐसे ध्येय वाक्य सिर्फ प्रतीकात्मक नहीं हैं। ये संस्थानों के मूल मूल्यों और आदर्शों को दर्शाते हैं।
प्राचीन विचारों को आधुनिक संस्थानों से जोड़ा
पुस्तक में इन उदाहरणों के जरिए बताया गया है कि स्वतंत्रता के बाद भारतीय संस्थानों ने पारंपरिक शासन संबंधी विचारों और मूल्यों को आधुनिक लोकतांत्रिक व्यवस्था के साथ जोड़ा। इसमें ध्येय वाक्यों को सार्वजनिक जीवन में भारतीय नैतिक मूल्यों की निरंतरता के उदाहरण के तौर पर प्रस्तुत किया गया है।
नई किताब में और क्या बदलाव?
‘Understanding Society: India and Beyond-Part Two’ कक्षा 9 की नई सामाजिक विज्ञान पाठ्यपुस्तक श्रृंखला का हिस्सा है। Part 2 को 29 सितंबर को जारी किया गया। NCERT के नए पाठ्यक्रम के तहत कक्षा 9 के सामाजिक विज्ञान की किताबों में बदलाव किया जा रहा है। नई किताब में इतिहास, समाज, शासन और भारतीय परंपराओं से जुड़े विषयों को शामिल किया गया है। इसके अलग-अलग अध्यायों में भारतीय समाज और संस्थानों को समझने के लिए विभिन्न उदाहरण दिए गए हैं।


