मॉनसून लौट रहा, लेकिन अक्टूबर में मौसम को लेकर IMD ने क्या कहा?

Monsoon withdrawal weather scene

स्वतंत्र बोल
नई दिल्ली 30 सितम्बर 2026 :
देश में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून 2026 की वापसी जारी है। 23 सितंबर तक पंजाब, हरियाणा, राजस्थान के ज्यादातर हिस्सों और पूरी दिल्ली से मॉनसून विदा हो चुका था। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले कुछ दिनों में देश के कुछ और हिस्सों से भी मॉनसून की वापसी हो सकती है। इस बीच जून से सितंबर तक देश में 759.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई, जो 1901 के बाद 13वीं सबसे कम और 2001 के बाद चौथी सबसे कम बारिश है।

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19 सितंबर से शुरू हुई मॉनसून की वापसी

मौसम विभाग के मुताबिक इस साल मॉनसून की वापसी 19 सितंबर से शुरू हुई। यह सामान्य तारीख से दो दिन देर थी। पूरे देश में मॉनसूनी बारिश सामान्य से कम रही।

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मौसम विभाग ने अक्टूबर के लिए भी बड़ा अपडेट दिया है। देश के ज्यादातर हिस्सों में अक्टूबर के दौरान सामान्य से कम बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं, अक्टूबर में देश के ज्यादातर हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से ज्यादा रहने का अनुमान है। पूर्वोत्तर के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से कम रहने की संभावना है।

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में सबसे कम बारिश

इस साल पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में बारिश काफी कम रही। जून से सितंबर के दौरान इस क्षेत्र में 1017.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। यह 1901 के बाद इस क्षेत्र में दर्ज सबसे कम बारिश रही।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, देश के 741 जिलों में मॉनसून बारिश का आकलन किया गया। इनमें 282 जिलों में सामान्य से कम और 34 जिलों में काफी कम बारिश हुई।

वहीं 312 जिलों में बारिश सामान्य रही। 90 जिलों में सामान्य से ज्यादा और 16 जिलों में काफी ज्यादा बारिश दर्ज की गई।

सितंबर में इन राज्यों में हुई भारी बारिश

मॉनसून के कमजोर रहने के बावजूद सितंबर में कई राज्यों में भारी बारिश हुई। ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में सितंबर के दौरान काफी बारिश हुई।

हालांकि तापमान के लिहाज से सितंबर काफी गर्म रहा।

1901 के बाद सितंबर का तापमान भी खास रहा

पूरे भारत में सितंबर का औसत तापमान 27.72 डिग्री सेल्सियस रहा। यह सामान्य से 0.60 डिग्री ज्यादा था। सितंबर में औसत अधिकतम तापमान 32.05 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह 1901 के बाद छठा सबसे ज्यादा औसत अधिकतम तापमान रहा। दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में सितंबर का अधिकतम, न्यूनतम और औसत तापमान तीनों 1901 के बाद सबसे ज्यादा दर्ज किए गए।

अल-नीनो की स्थिति भी बनी हुई है

मौसम विभाग के मुताबिक भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में मजबूत अल-नीनो स्थिति बनी हुई है। इसके साल के अंत तक और मजबूत होने की संभावना जताई गई है। ऐसे में मॉनसून की वापसी के बीच अक्टूबर के मौसम पर भी नजर रहेगी। फिलहाल मौसम विभाग ने देश के ज्यादातर हिस्सों में अक्टूबर के दौरान सामान्य से कम बारिश की संभावना जताई है।