स्टेपनी टायर में छिपा था करोड़ों का खेल! पुलिस ने टायर खुलवाया तो उड़ गए होश, निकला गांजे का जखीरा

 

ad

दुर्ग। नशे के कारोबारियों ने पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए ऐसा तरीका अपनाया कि पहली नजर में किसी को शक तक न हो। लेकिन जामुल पुलिस की सतर्कता के आगे उनकी चालाकी ज्यादा देर नहीं टिक सकी। पिकअप वाहन में रखे स्टेपनी टायरों के भीतर छिपाकर ले जाए जा रहे गांजे के बड़े जखीरे का खुलासा करते हुए पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई में 17 लाख 72 हजार रुपए से अधिक का माल जब्त किया गया है।

youtube

जानकारी के अनुसार 20 जून को दोपहर करीब एक बजे थाना जामुल पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि घासीदास नगर मैदान में खड़ी एक सफेद रंग की पिकअप वाहन क्रमांक CG 07 CZ 8442 में अवैध गांजा रखा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर संदिग्ध वाहन को अपने कब्जे में ले लिया।

जांच के दौरान पिकअप में तीन युवक बैठे मिले। पुलिस ने जब वाहन की तलाशी ली तो उसमें प्लास्टिक कैरेट के बीच रखे दो स्टेपनी टायर दिखाई दिए। पहली नजर में सब सामान्य लग रहा था, लेकिन पुलिस को टायरों पर संदेह हुआ। इसके बाद मौके पर एक ऑटो मिस्त्री को बुलाकर दोनों टायर खुलवाए गए।

टायर खुलते ही पुलिस भी हैरान रह गई। दोनों स्टेपनी टायरों के अंदर बड़ी चालाकी से पैकेट बनाकर गांजा छिपाया गया था। जांच में एक टायर से 16 और दूसरे टायर से 15 पैकेट बरामद हुए। कुल 15 किलो 500 ग्राम गांजा जब्त किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 7 लाख 50 हजार रुपए बताई गई है।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से गांजे की बिक्री से संबंधित 2 हजार रुपए नकद, चार मोबाइल फोन और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही पिकअप वाहन भी जब्त की है। जब्त सामग्री की कुल कीमत लगभग 17 लाख 72 हजार रुपए आंकी गई है।

पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। प्रारंभिक पूछताछ में तस्करी के नेटवर्क और गांजे की सप्लाई चेन से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया कि नशे के सौदागर चाहे कितनी भी नई तरकीबें क्यों न अपनाएं, पुलिस की पैनी नजर से बच पाना आसान नहीं है।