स्वतंत्र बोल
रायपुर, 20 मई 2026: राजधानी रायपुर में अवैध रेत कारोबार पर सरकार ने बड़ा प्रहार किया है। गोबरानवापारा क्षेत्र में चल रहे कथित रेत सिंडिकेट पर खनिज विभाग ने ऐसा शिकंजा कसा कि पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। जांच टीम ने मौके पर पहुंचकर करोड़ों के अवैध खेल का खुलासा किया और भारी मशीनों को सील कर दिया।
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर उप-संचालक (खनिज प्रशासन) राजेश मालवे के नेतृत्व में 18 और 19 मई 2026 को खनिज विभाग की टीम ने सघन जांच अभियान चलाया। इस दौरान रेत के अवैध उत्खनन और भंडारण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई।
जांच में सामने आया कि ग्राम लखना रेत खदान में स्वीकृत क्षेत्र के बाहर और पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन करते हुए दो चेन माउंटेड पोकलेन मशीनों से अवैध उत्खनन किया जा रहा था। टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों मशीनों को मौके पर ही जब्त कर सीलबंद कर दिया और उत्खनन का काम रुकवा दिया।
कार्रवाई यहीं नहीं रुकी। जांच के दौरान तहसील गोबरानवापारा के ग्राम नवागांव, जौंदा, जौंदी और डगनिया में भी बड़ा खुलासा हुआ। यहां महानदी से लाई गई रेत का बिना वैध अनुमति भारी मात्रा में अवैध भंडारण किया गया था।
खनिज विभाग की जांच में अनिल कुमार साहू, गोविंद साहू, ईश्वर पटेल, प्रताप सेन, त्रिलोकी साहू, अजय साहू और मनीष ठाकुर के नाम सामने आए हैं। विभाग ने सभी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से जमा की गई रेत को जब्त कर लिया है।
साथ ही छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 के तहत सभी संबंधित लोगों को जवाब-तलब के लिए नोटिस जारी किया गया है। नोटिस मिलते ही अवैध कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है।
उप-संचालक खनिज राजेश मालवे ने साफ कहा है कि जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अवैध गतिविधियों में शामिल पाए जाने वालों पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सरकार की इस कार्रवाई को रेत माफियाओं के खिलाफ अब तक की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।


