स्वतंत्र बोल
धमतरी, 15 मई 2026: धमतरी पुलिस ने शुक्रवार को ऐसा हाई अलर्ट बलवा ड्रिल अभ्यास किया, जिसने कुछ देर के लिए पूरे इलाके में दहशत जैसा माहौल बना दिया। परेड ग्राउंड में अचानक पथराव, लाठीचार्ज, आंसू गैस और फायरिंग जैसी आवाजें गूंजने लगीं। हालात बिल्कुल किसी असली दंगे जैसे नजर आए। पुलिस जवानों ने उग्र भीड़ को नियंत्रित करने के लिए चरणबद्ध कार्रवाई का लाइव प्रदर्शन किया।
पुलिस अधीक्षक Suraj Singh Parihar के निर्देशन में रक्षित केंद्र धमतरी में बलवा ड्रिल के छठवें सत्र का आयोजन किया गया। इस दौरान दंगा और उपद्रव की काल्पनिक स्थिति तैयार की गई, जिसमें प्रदर्शनकारियों द्वारा पथराव, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और पुलिस पर हमला करने जैसे दृश्य बनाए गए।
रक्षित निरीक्षक दीपक शर्मा के नेतृत्व में पुलिस जवानों की अलग-अलग टीमें बनाई गईं। इनमें टियर गैस पार्टी, लाठी पार्टी, राइफल पार्टी और मेडिकल पार्टी को विशेष जिम्मेदारियां सौंपी गईं। शुरुआत में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाने और शांतिपूर्ण तरीके से स्थिति नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन जब भीड़ उग्र हुई और पथराव शुरू हुआ तो पुलिस ने पहले चेतावनी दी और फिर आंसू गैस के गोले छोड़े।
हालात और बिगड़ने पर पुलिस ने माइक से अंतिम चेतावनी जारी की। इसके बाद लाठीचार्ज किया गया और मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद 5 राउंड फायरिंग का भी अभ्यास किया गया। इस दौरान कुछ पुलिसकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के घायल होने की काल्पनिक स्थिति भी बनाई गई, जिनका मेडिकल टीम ने तत्काल उपचार कर एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाने का प्रदर्शन किया।
पूरे अभ्यास का मकसद कानून-व्यवस्था ड्यूटी, धरना-प्रदर्शन, भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन हालात में पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत बनाना था। एसपी सूरज सिंह परिहार ने ड्रिल के बाद पूरे अभ्यास की समीक्षा करते हुए कमियों और चुनौतियों पर चर्चा की। उन्होंने पुलिस टीम को रणनीतिक कार्रवाई, सुरक्षा उपकरणों के सही उपयोग और बेहतर समन्वय को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए।
अभ्यास के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले आरक्षक धनेन्द्र साहू को 100 रुपये नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। वहीं सउनि राधेश्याम बंजारे, आरक्षक गिरधर साहू और आरक्षक गनपत साहू के सराहनीय कार्य को देखते हुए उनकी सेवा पुस्तिका में प्रशंसा अंकित करने की घोषणा की गई।


