पेंशनर्स को बड़ी राहत: छठवें-सातवें वेतनमान का एरियर देने का हाईकोर्ट ने दिया सख्त आदेश

स्वतंत्र बोल
बिलासपुर, 08 मई 2026: छत्तीसगढ़ के पेंशनर्स के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। बिलासपुर स्थित Chhattisgarh High Court ने राज्य सरकार को आदेश दिया है कि वह 120 दिनों के भीतर छठवें और सातवें वेतनमान का बकाया एरियर पेंशनर्स को भुगतान करे।

ad

यह फैसला लंबे समय से चल रहे पेंशनर्स के संघर्ष और कानूनी लड़ाई के बाद आया है, जिसे राज्य के हजारों सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

youtube

सालों पुरानी मांग पर आया न्यायिक फैसला

यह याचिका Chhattisgarh Pensioners Society के प्रांताध्यक्ष चेतन भारती द्वारा 12 अगस्त 2021 को दायर की गई थी। उन्होंने लगातार राज्य और मध्यप्रदेश सरकार के समक्ष पेंशनर्स की समस्याएं उठाई थीं, लेकिन समाधान न मिलने पर मामला कोर्ट पहुंचा।

कोर्ट ने क्या कहा?

कोर्ट ने Madhya Pradesh Reorganisation Act 2000 की धारा 49(6) की व्याख्या करते हुए स्पष्ट किया कि राज्यों के बीच वित्तीय सहमति का विवाद कर्मचारियों और पेंशनर्स के अधिकारों में बाधा नहीं बन सकता।

कोर्ट ने पहले के एक महत्वपूर्ण मामले का हवाला देते हुए कहा कि पेंशन और वेतनमान का लाभ कानूनी अधिकार है, जिसे टाला नहीं जा सकता।

किसे मिलेगा कितना एरियर?

अदालत के आदेश के अनुसार—

  • 1 जनवरी 2006 से पहले सेवानिवृत्त कर्मचारियों को 32 महीने का एरियर मिलेगा (अवधि: 1 जनवरी 2006 से 31 अगस्त 2008)
  • 1 जनवरी 2016 से पहले सेवानिवृत्त कर्मचारियों को 27 महीने का एरियर मिलेगा (अवधि: 1 जनवरी 2016 से 31 मार्च 2018)

लंबे संघर्ष के बाद मिली जीत

पेंशनर्स लंबे समय से इस भुगतान की मांग कर रहे थे। उनका कहना था कि वर्षों की सेवा के बाद उन्हें वेतन संशोधन का पूरा लाभ नहीं मिल पाया था। अब हाईकोर्ट के आदेश से उम्मीद जगी है कि उनका बकाया जल्द मिल जाएगा।

क्या होगा आगे?

अब राज्य सरकार को निर्धारित समय सीमा के भीतर भुगतान प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इस फैसले को पेंशनर्स समुदाय ने बड़ी जीत बताया है और इसे न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।