स्वतंत्र बोल
डोंगरगांव, 08 मई 2026: छत्तीसगढ़ के डोंगरगांव में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने लोगों को चौंका दिया है। यहां तीन युवक खुद को माइनिंग विभाग का अधिकारी बताकर अवैध वसूली कर रहे थे, लेकिन पुलिस की सतर्कता से उनका पूरा खेल कुछ ही घंटों में खत्म हो गया।
पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह पूरा मामला डोंगरगांव थाना क्षेत्र का है।
खेत में काम के दौरान पहुंची ‘फर्जी टीम’
जानकारी के मुताबिक, ग्राम दर्री निवासी ट्रांसपोर्टर रामसिंह राजपूत आमगांव में एक किसान के खेत में जेसीबी से समतलीकरण का काम करवा रहे थे। तभी स्विफ्ट कार से तीन लोग मौके पर पहुंचे, जिनकी पहचान रवि शर्मा, रेहाना बेगम और शेख अरमान के रूप में हुई है।
आरोप है कि तीनों ने खुद को सरकारी माइनिंग अधिकारी बताकर काम को अवैध खनन करार दिया और ट्रांसपोर्टर व ड्राइवर को डराना शुरू कर दिया। “गाड़ी जब्त होगी, केस बनेगा” जैसी धमकियों के साथ 10 हजार रुपये की मांग रखी गई।
डर के माहौल में पहले ट्रांसफर हुए पैसे
सरकारी कार्रवाई के डर से ट्रांसपोर्टर ने घबराकर 6 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर भी कर दिए। लेकिन इसी बीच उन्हें शक हुआ और मामला पुलिस तक पहुंच गया।
पुलिस ने बिछाया जाल, मौके पर पकड़ लिया
सूचना मिलते ही डोंगरगांव पुलिस सक्रिय हुई और कुमरदा पेट्रोल पंप के पास घेराबंदी कर तीनों को कार समेत गिरफ्तार कर लिया। जांच में साफ हो गया कि तीनों का माइनिंग विभाग से कोई संबंध नहीं था और वे सिर्फ अफसर बनकर वसूली कर रहे थे।
फर्जी अफसरों का खुला खेल
पुलिस के मुताबिक आरोपी लोगों को डराकर पैसे वसूलने का सुनियोजित तरीका अपनाते थे। खेतों और निर्माण स्थलों को निशाना बनाकर वे सरकारी कार्रवाई का भय दिखाते थे।
पुलिस की अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि कोई भी व्यक्ति अगर खुद को सरकारी अधिकारी बताकर दबाव बनाए या पैसे की मांग करे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। साथ ही इस तरह की संदिग्ध गतिविधियों से सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
फिलहाल तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया है और आगे की जांच जारी है।


