महिलाओं के अधिकार और आरक्षण पर ऐतिहासिक चर्चा, CM साय बोले- यह राजनीति नहीं, देश के भविष्य का सवाल

स्वतंत्र बोल
रायपुर , 01 मई 2026:
रायपुर में छत्तीसगढ़ विधानसभा का माहौल उस वक्त खास बन गया, जब मातृशक्ति के सम्मान और सशक्तिकरण को लेकर एक दिवसीय विशेष सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र में महिलाओं के समग्र विकास, अधिकार और राजनीतिक भागीदारी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई, जिसने इसे एक ऐतिहासिक पहल बना दिया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि मातृशक्ति उनके लिए केवल सम्मान का विषय नहीं, बल्कि सृजन, संस्कार और सामर्थ्य की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि इसी भावना के साथ इस विशेष सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें संसद और देश की सभी विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक तिहाई आरक्षण लागू करने के संकल्प पर व्यापक मंथन हुआ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की मजबूत नींव रखी गई है। अब उनकी राजनीतिक भागीदारी को और सशक्त करना अगला महत्वपूर्ण कदम है, जिससे देश की आधी आबादी को उनके अधिकारों से पूरी तरह जोड़ा जा सके।

उन्होंने इस विशेष सत्र के आयोजन के लिए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह का आभार जताते हुए कहा कि यह पहल महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम के रूप में याद रखी जाएगी। सत्र में समाज के विभिन्न वर्गों और क्षेत्रों से आई महिलाओं की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिन्होंने अपने विचार रखते हुए इस संकल्प को मजबूती दी।

सदन में वरिष्ठ विधायकों और महिला नेतृत्व ने भी पूरे मनोयोग से चर्चा में भाग लिया और महिलाओं के अधिकारों के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद की। मुख्यमंत्री साय ने स्पष्ट कहा कि नारी शक्ति के सम्मान और अधिकारों के मार्ग में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न करना न्यायसंगत नहीं है।

उन्होंने यह भी कहा कि यह मुद्दा किसी दल या राजनीति से ऊपर उठकर देश के समग्र विकास और उज्ज्वल भविष्य से जुड़ा है, इसलिए इस दिशा में हर सकारात्मक पहल का समर्थन आवश्यक है।