स्वतंत्र बोल
बिलासपुर, 01 मई 2026: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई ने एक बार फिर बड़ा खुलासा किया है। गुरुवार तड़के बिलासपुर में ईडी की टीम ने सराफा कारोबारी विवेक अग्रवाल के घर और दुकान पर एक साथ दबिश दी, जहां से भारी मात्रा में कीमती संपत्ति बरामद होने की खबर ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।
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सूत्रों के मुताबिक, दिनभर चली इस कार्रवाई के दौरान टीम को करीब 17 किलो सोना, लगभग 3 करोड़ रुपये के हीरों के हार और बड़ी मात्रा में नकदी मिली है। अचानक हुई इस रेड से कारोबारी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। अधिकारियों ने घर के सभी एंट्री गेट सील कर दिए और सुरक्षा के लिए सीआरपीएफ के जवानों को तैनात कर दिया।
ईडी की एक टीम जहां मैग्नेटो मॉल के पीछे स्थित घर में दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की जांच में जुटी रही, वहीं दूसरी टीम सदर बाजार स्थित श्रीराम ज्वेलर्स पहुंचकर स्टॉक, खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड और निवेश से जुड़े दस्तावेजों की बारीकी से जांच करती रही।
इस पूरे मामले में सबसे अहम कड़ी विवेक अग्रवाल का भाई विकास अग्रवाल बताया जा रहा है, जो लंबे समय से फरार है और कोर्ट द्वारा वांटेड घोषित किया जा चुका है। विकास अग्रवाल को शराब घोटाले के सिंडिकेट का सक्रिय सदस्य माना जाता है और उसका नाम मुख्य आरोपी अनवर ढेबर के करीबी सहयोगियों में शामिल है।
बताया जाता है कि इस सिंडिकेट के जरिए शराब दुकानों से कमीशन वसूली का बड़ा खेल चलता था, जिसमें विकास अग्रवाल और उसके भाई विवेक अग्रवाल की अहम भूमिका रही है। जांच एजेंसियों को शक है कि इस अवैध कमाई को ज्वेलरी और अन्य निवेश के जरिए छिपाया गया हो सकता है।
फिलहाल ईडी की टीम बरामद दस्तावेजों, संपत्तियों और वित्तीय लेनदेन की गहन जांच कर रही है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं, जिससे शराब घोटाले के नेटवर्क की परतें एक-एक कर सामने आ सकती हैं।
