स्वतंत्र बोल
रायपुर 25 अप्रैल 2026: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में लंबे समय से लंबित केलो विहार पट्टा प्रकरण ने आखिरकार एक बड़ा मोड़ ले लिया है। वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओपी चौधरी की मौजूदगी में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित सृजन कक्ष में आयोजित कार्यक्रम में पात्र हितग्राहियों को भूमि के पट्टों का वितरण किया गया। इस फैसले ने जहां कई परिवारों के वर्षों पुराने सपनों को साकार किया, वहीं पूरी प्रक्रिया को लेकर चर्चाओं का दौर भी शुरू हो गया है।
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जिला प्रशासन रायगढ़ द्वारा आयोजित इस संवाद कार्यक्रम में मंत्री ओपी चौधरी ने शासकीय कर्मचारी गृह निर्माण सहकारी समिति के पंजीकृत सदस्यों से सीधा संवाद किया। उन्होंने अधिकारियों को आवासीय सुविधाओं के विस्तार, लंबित मामलों के जल्द निराकरण और पात्र हितग्राहियों तक समय पर लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ कहा कि सरकार का लक्ष्य हर पात्र परिवार को उसका अधिकार और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
मंत्री चौधरी ने इस मामले को संवेदनशील बताते हुए कहा कि केलो विहार का पट्टा प्रकरण वर्षों से अटका हुआ था। कई लोगों ने अपने घर तो बना लिए थे, लेकिन मालिकाना हक नहीं मिलने से असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। अब पट्टा मिलने के बाद इन परिवारों को कानूनी अधिकार प्राप्त हो गया है, जिससे उनके जीवन में स्थायित्व आएगा। खासकर वरिष्ठ नागरिकों को उनका हक मिलना एक संतोषजनक पहल मानी जा रही है।
कार्यक्रम के दौरान अलग-अलग श्रेणियों में हितग्राहियों को पट्टे प्रदान किए गए। 2400 वर्गफुट श्रेणी में डॉ. धनराज प्रसाद साहू, दुलीचंद देवांगन और एस.एच. खोड़यार को पट्टा मिला। 1800 वर्गफुट श्रेणी में भवानी शंकर पटनायक को, 1500 वर्गफुट श्रेणी में आई.एस. परिहार, केदारनाथ प्रधान और बासंती सरकार को लाभ मिला। 1200 वर्गफुट श्रेणी में खगेश्वर पटेल और मथुरा प्रसाद नामदेव को पट्टा दिया गया, जबकि 960 वर्गफुट श्रेणी में सूर्यकुमार पांडा, त्रिलोकी नाथ पुजारी, श्रीवत्स पांडा और बालकृष्ण डनसेना को मालिकाना हक सौंपा गया।
जिला प्रशासन के अनुसार पहले चरण में कुल 103 पात्र हितग्राहियों की पहचान की गई है और बाकी प्रकरणों में नियमानुसार प्रक्रिया जारी है। कार्यक्रम में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिजीत बबन पठारे, अपर कलेक्टर रवि राही, संयुक्त कलेक्टर राकेश गोलछा समेत कई अधिकारी, कर्मचारी और समिति के सदस्य मौजूद रहे।
हालांकि इस पूरे घटनाक्रम के बाद यह सवाल भी उठने लगे हैं कि क्या सभी पात्र लोगों को समान रूप से लाभ मिल पाएगा या आने वाले दिनों में इस सूची को लेकर नए विवाद सामने आएंगे।
