स्वतंत्र बोल
नई दिल्ली, 08 अप्रैल 2026: देश की राजनीति में कल का दिन बेहद अहम होने जा रहा है, जब तीन बड़े राज्यों—असम, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में एक साथ विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होगा। कुल 296 सीटों पर होने वाली इस वोटिंग को लेकर चुनाव आयोग ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
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इन चुनावों में असम की 126, केरल की 140 और पुडुचेरी की 30 सीटों पर मतदान होगा। सभी जगह एक ही चरण में वोट डाले जाएंगे, जिससे राजनीतिक हलचल अपने चरम पर पहुंच गई है।
मतदान के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए केंद्रीय अर्धसैनिक बलों और स्थानीय पुलिस की भारी तैनाती की गई है। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील बूथों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। साथ ही वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग मतदाताओं के लिए अलग से सुविधाएं भी सुनिश्चित की गई हैं, ताकि वे आसानी से अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।
चुनावी मैदान में मुकाबला बेहद दिलचस्प होता जा रहा है। असम में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा शर्मा के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी एक बार फिर सत्ता में वापसी के लिए पूरा जोर लगा रही है, जबकि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल कड़ी टक्कर दे रहे हैं। वहीं केरल में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा और संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा के बीच पारंपरिक मुकाबला देखने को मिल रहा है।
पुडुचेरी में चुनावी समीकरण और भी पेचीदा नजर आ रहे हैं, जहां लगभग हर सीट पर बहुकोणीय मुकाबले की स्थिति बनी हुई है। यहां कांग्रेस-द्रमुक गठबंधन और भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाला मोर्चा आमने-सामने हैं, जबकि क्षेत्रीय दल भी समीकरण बिगाड़ने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
इन चुनावों में देश के बड़े नेताओं ने भी पूरी ताकत झोंक दी है। नरेंद्र मोदी, अमित शाह, मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा जैसे दिग्गजों ने जोरदार प्रचार किया है।
अब सबकी नजर 4 मई पर टिकी है, जब मतगणना होगी और यह तय हो जाएगा कि आखिर जनता ने किसे सत्ता की चाबी सौंपी है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या सत्ता बरकरार रहेगी या फिर बदलाव की आंधी सब कुछ बदल देगी?
