स्वतंत्र बोल
दुर्ग, 03 अप्रैल 2026: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में सामने आए अफीम खेती कांड ने एक बार फिर नया मोड़ ले लिया है। जिस मामले में लापरवाही के आरोप में निलंबित की गई ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एकता साहू को अब बहाल कर दिया गया है, जिससे पूरे घटनाक्रम पर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
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जानकारी के मुताबिक, ग्राम समोदा में मक्के की फसल के नाम पर अवैध रूप से अफीम की खेती की जा रही थी। इस मामले का खुलासा होने के बाद जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए संबंधित अधिकारी एकता साहू को निलंबित कर दिया था। उन पर आरोप था कि उन्होंने खेतों का सही तरीके से निरीक्षण नहीं किया, जिसके चलते कागजों में मक्का और जमीन पर अफीम उगती रही।
इस पूरे मामले में अब तक भाजपा नेता विनायक ताम्रकार सहित कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। पुलिस ने मौके से करीब 8 करोड़ रुपये की अफीम बरामद की थी और सभी पौधों को नष्ट कर दिया गया था।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि लगभग 5 एकड़ जमीन पर यह अवैध खेती लंबे समय से चल रही थी, लेकिन इसकी भनक तक जिम्मेदार अधिकारियों को नहीं लगी। यही कारण है कि प्रशासनिक लापरवाही को लेकर भी गंभीर सवाल उठे थे।
हालांकि अब एकता साहू का निलंबन बहाल कर दिया गया है और उन्हें विकासखंड धमधा में वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी के पद पर पदस्थ किया गया है। इस फैसले के बाद लोगों के बीच चर्चा तेज हो गई है कि इतने बड़े मामले के बावजूद अधिकारी को राहत कैसे मिल गई।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रहे हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस अवैध खेती के पीछे और कौन-कौन शामिल था। यह मामला अब सिर्फ अवैध खेती तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसमें सिस्टम की भूमिका और जवाबदेही भी सवालों के घेरे में आ गई है।

