रायपुर 14 मई 2025: छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य को देश का अगला औद्योगिक और रोजगार हब बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में कई अहम संशोधनों को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में यह निर्णय लिया गया, जो आने वाले वर्षों में राज्य के सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य को नई दिशा देगा।
स्थानीय युवाओं को मिलेगा प्राथमिकता – बढ़ेगा रोजगार
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संशोधित नीति के अनुसार, जिन उद्योगों में छत्तीसगढ़ के युवाओं को रोजगार मिलेगा, उन कंपनियों को सरकार की ओर से विशेष अनुदान मिलेगा। इससे स्थानीय रोजगार दर में तेज़ी आएगी और पलायन पर भी अंकुश लगेगा। हाइड्रोपोनिक और एयरोपोनिक जैसी हाईटेक फार्मिंग तकनीकों को औद्योगिक क्षेत्र में शामिल कर किसानों को आधुनिक उपकरण, ऑटोमेशन और सूचना प्रौद्योगिकी जैसी तकनीकों से जोड़ा जाएगा। इससे खेती की उत्पादकता और लाभप्रदता बढ़ेगी।
गुणवत्तापूर्ण विश्वविद्यालयों की स्थापना को प्रोत्साहन देकर छत्तीसगढ़ को शैक्षणिक हब के रूप में भी विकसित करने की योजना है। इससे राज्य के छात्रों को उत्कृष्ट शिक्षा के अवसर यहीं उपलब्ध होंगे। अब ऑटोमोबाइल रिपेयरिंग एवं सर्विस यूनिट्स को हर विकासखंड समूह में मान्यता दी जाएगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में भी तकनीकी रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। बस्तर और सरगुजा जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में होटल-रिसॉर्ट के निर्माण हेतु निवेश की न्यूनतम सीमा कम की गई है। इससे इन इलाकों में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं को आजीविका के साधन मिलेंगे। टेक्सटाइल क्षेत्र में निवेश करने वाले उद्योगों को 200% तक का प्रोत्साहन मिलेगा। इससे महिलाओं एवं ग्रामीण कारीगरों को सिलाई, बुनाई और कढ़ाई जैसे रोजगारों में अधिक अवसर मिलेंगे।
