ना बख्शेंगे, ना भूलेंगे, आतंक के हर सरपरस्त का होगा हिसाब! बिहार से पीएम मोदी ने दुनिया को दिया संदेश

स्वतंत्र बोल
नई दिल्ली 24 अप्रैल 2025:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज बिहार के मधुबनी के दौरे पर रहे। इस दौरान राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने बिहार को कुल ₹13,480 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात दी

वहीं इस कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने पहलगाम हमले के दौरान मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी। साथ ही आतंकवाद के खिलाफ पूरी दुनिया को संदेश दिया है।

भाषण से पहले रखा मौन

अपनी बात प्रारंभ करने से पहले उन्होंने मौन रखा। उन्होंने कहा कि, आप सबसे प्रार्थना करना चाहता हूं, आप जहां हैं वहीं अपने स्थान पर बैठकर ही 22 अप्रैल को जिन परिवारजनों को हमने खोया है, उनको श्रद्धांजलि देने के लिए हम कुछ पल का मौन रखेंगे।

पीएम मोदी ने दुनिया को दिया संदेश

वहीं पीएम मोदी ने कहा कि, ‘आज बिहार की धरती से मैं पूरे विश्व से कहता हूँ। भारत हर एक आतंकी और उसके सरपरस्तों की पहचान करेगा, उनका पीछा करेगा और उन्हें सज़ा दिलाकर ही दम लेगा। हम उन्हें धरती के अंतिम कोने तक ढूंढ निकालेंगे। भारत की आत्मा को आतंकवाद कभी नहीं तोड़ सकता। आतंकवाद अब बख्शा नहीं जाएगा।’

‘हम यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे कि न्याय हो। पूरा देश इस संकल्प में एकजुट खड़ा है। जो भी मानवता में विश्वास रखते हैं, वे हमारे साथ हैं। मैं उन सभी देशों और नेताओं का आभार प्रकट करता हूँ, जिन्होंने इस कठिन समय में हमारे साथ खड़े होकर समर्थन दिया है।’

किसी ने अपना बेटा खोया, किसी ने अपना भाई- PM

इस आतंकी हमले में किसी ने अपना बेटा खोया, किसी ने अपना भाई और किसी ने अपना जीवनसाथी खोया है। उनमें से कोई बांग्ला बोलता था, कोई कन्नड़ बोलता था, कोई मराठी था, कोई ओड़िया था, कोई गुजराती था, कोई यहां बिहार का लाल था। आज उन सभी की मृत्यु पर कारगिल से कन्याकुमारी तक हमारा दुःख एक जैसा है, हमारा आक्रोश एक जैसा है।

आतंकियों को मिट्टी में मिलाने का समय आ गया है- PM

ये हमला सिर्फ निहत्थे पर्यटकों पर नहीं हुआ है, देश के दुश्मनों ने भारत की आस्था पर हमला करने का दुस्साहस किया है। मैं बहुत स्पष्ट शब्दों में कहना चाहता हूं कि जिन्होंने ये हमला किया है, उन आतंकियों को और इस हमले की साजिश रचने वालों को उनकी कल्पना से भी बड़ी सजा मिलेगी। अब आतंकियों की बची-कुची जमीन को भी मिट्टी में मिलाने का समय आ गया है।