डायमंड कंपनी के 118 कर्मचारियों की बिगड़ी तबीयत, वजह जानकर पुलिस भी रह गई सन्न

गुजरात में खौफनाक कांड: डायमंड कंपनी के 118 कर्मचारियों की बिगड़ी तबीयत, वजह जानकर पुलिस भी रह गई सन्न, वाटर कूलर में मिला…

स्वतंत्र बोल
गुजरात 10 अप्रैल 2025
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गुजरात के सूरत (Surat) से खौफनाक मामला सामने आया है. यहां एक डायमंड कंपनी के 118 कर्मचारियों को अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. एक साथ सैकड़ों कर्मचारियों के बीमार पड़ने से हड़कंप मच गया. जानकारी के मुताबिक जहरीला पानी पीने की वजह से कर्मचारी बीमार हो गए हैं. फिलहाल किसी की हालत गंभीर नहीं है लेकिन उन्हें निगरानी में रखा गया है.

गुजरात के सूरत शहर स्थित कापोदरा के अनुब जेम्स नामक डायमंड फैक्ट्री में जहरीला पानी पीने से 118 लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ गई. बताया जा रहा है कि किसी ने कंपनी के वॉटर कूलर में जहरीला पदार्थ मिला दिया था. जांच में कूलर के अंदर फटे हुए प्लास्टिक के बैग तैरते मिले.डायमंड कंपनी के पानी के टैंक में सल्फास की गोलियों के मिलने के बाद मामले का खुलासा हुआ. फिलहाल पानी में सल्फास की गोलियों किसने मिलाई पुलिस इसकी जांच में जुट गई है. सीसीटीवी फुटेज चेक कर पुलिस आरोपी की पहचान करने की कोशिश कर रही है.

सूरत पुलिस का कहना है कि किसी ने कंपनी के कर्मचारियों को निशाना बनाकर पीने के पानी में जहरीला पदार्थ मिला दिया था, जिससे कर्मचारियों की तबीयत खराब हुई थी. यह घटना एक फटे हुए प्लास्टिक बैग के वॉटर कूलर में तैरते मिलने से हुई. पूरे मामले की जानकारी देते हुए डीसीपी आलोक कुमार ने बताया कि कपोदरा इलाके में मिलेनियम कॉम्प्लेक्स स्थित अनभ जेम्स के कर्मचारियों को एहतियात के तौर पर चिकित्सा जांच के लिए कंपनी के मालिक द्वारा दो अलग-अलग अस्पतालों में ले जाया गया. डीसीपी ने कहा कि कर्मचारियों में से किसी में भी जहर के दुष्प्रभाव संबंधी कोई समस्या नहीं है, लेकिन उन्हें अस्पतालों में निगरानी में रखा गया है.

CCTV खंगाल रही पुलिस

डीपीसी ने आगे कहा, यह कीटनाशक से भरा एक फटा हुआ प्लास्टिक बैग था, इसलिए पानी में कुछ मात्रा में जहरीला पदार्थ मिला होगा, जिसे कर्मचारियों ने पी लिया. आलोक कुमार ने कहा कि फोरेंसिक टीम पड़ताल कर रही है और सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है. फिलहाल पुलिस की 5 विशेष टीमों का गठन किया गया है, सभी टीमें काम में लगी हुई हैं. वॉटर टैंक के पास लगे सीसीटीवी के जरिए आरोपी की पहचान की जा रही है.