ग्रामीण बैंकों के ग्राहक कृपया ध्यान दें! 1 मई से 15 बैंकों का होगा विलय

स्वतंत्र बोल
नई दिल्ली 08 अप्रैल 2025 
:राज्यों के क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (RRB) में खाता खुलवाने वाले ग्राहकों के लिए एक जरूरी खबर है. वह यह कि 1 मई 2025 से देश के 15 ग्रामीण बैंकों का विलय हो जाएगा और प्रत्येक राज्य में केवल एक ही क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक होगा.

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केंद्र सरकार ने ग्रामीण बैंकिंग ढांचे को मजबूत और सरल बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. अब 1 मई 2025 से देश के हर राज्य में केवल एक ही क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (RRB) कार्य करेगा. इस उद्देश्य को साकार करने के लिए वित्त मंत्रालय ने 11 राज्यों में 15 आरआरबी के एकीकरण से संबंधित अधिसूचना जारी कर दी है.

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1 मई से लागू होगा चौथा चरण का एकीकरण

यह क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के एकीकरण का चौथा चरण है. इसके पूरा होने पर भारत में आरआरबी की कुल संख्या 43 से घटकर 28 रह जाएगी. यह कदम “One State, One RRB” नीति के तहत उठाया गया है, जिसका लक्ष्य बैंकिंग सेवाओं को अधिक प्रभावी और सुव्यवस्थित बनाना है.

किन राज्यों में होगा RRB का विलय?

देश के 11 राज्यों में मौजूद क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों का विलय कर उन्हें सिंगल यूनिट में बदला जाएगा.

  • आंध्र प्रदेश
  • उत्तर प्रदेश
  • पश्चिम बंगाल
  • बिहार
  • गुजरात
  • जम्मू-कश्मीर
  • कर्नाटक
  • मध्य प्रदेश
  • महाराष्ट्र
  • ओडिशा
  • राजस्थान

किन राज्यों में किन-किन बैंकों का होगा विलय

  • उत्तर प्रदेश: बड़ौदा यूपी बैंक, आर्यावर्त बैंक और प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक का विलय कर उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक बनाया जाएगा. इसका मुख्यालय लखनऊ में होगा.
  • आंध्र प्रदेश: चार आरआरबी चैतन्य गोदावरी ग्रामीण बैंक, आंध्र प्रगति ग्रामीण बैंक, सप्तगिरि ग्रामीण बैंक और आंध्र प्रदेश ग्रामीण विकास बैंक को मिलाकर एक नया आंध्र प्रदेश ग्रामीण बैंक बनेगा.
  • पश्चिम बंगाल: बंगीय ग्रामीण विकास बैंक, पश्चिम बंग ग्रामीण बैंक और उत्तरबंग आरआरबी को मिलाकर पश्चिम बंगाल ग्रामीण बैंक का गठन होगा.
  • बिहार: दक्षिण बिहार और उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक का विलय कर बिहार ग्रामीण बैंक बनाया जाएगा. इसका मुख्यालय पटना होगा.
  • गुजरात: बड़ौदा गुजरात ग्रामीण बैंक और सौराष्ट्र ग्रामीण बैंक का विलय करने के बाद गुजरात ग्रामीण बैंक बनाया जाएगा.
  • विलय की प्रभावी तिथि: 1 मई 2025
  • सभी आरआरबी की अधिकृत पूंजी: 2,000 करोड़ रुपये
  • कैसे होगा विलय: क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों का यह विलय आरआरबी अधिनियम, 1976 की धारा 23ए(1) के तहत किया जाएगा.

आरआरबी के प्रदर्शन में ऐतिहासिक सुधार

सरकार ने 2021-22 से 2 वर्षों में आरआरबी में 5,445 करोड़ रुपये की पूंजी निवेश की. इसका असर 2023-24 के वित्तीय प्रदर्शन में दिखा, जहा आरआरबी ने 7,571 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड शुद्ध लाभ दर्ज किया और 14.2% का पूंजी पर्याप्तता अनुपात (CRAR) हासिल किया.

आरआरबी के विलय का उद्देश्य

क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों की स्थापना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे किसान, कृषि मजदूर और कारीगरों को किफायती कर्ज और बैंकिंग सेवाएं प्रदान करना है. ‘One State One RRB’ नीति के तहत सिंगल यूनिट से संचालन में पारदर्शिता, दक्षता और सेवा की गुणवत्ता में वृद्धि की उम्मीद है.