स्वतंत्र बोल
नई दिल्ली 22 अक्टूबर 2026: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सह संयोजक सौरव दास और आशुतोष रांका को जमानत पर रिहा होने के बाद भी अदालत और पुलिस की प्रक्रिया का सामना करना पड़ रहा है। स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) की अदालत ने दोनों नेताओं और उनके जमानतदारों को शुक्रवार को फिर पेश होने को कहा है। जमानतदारों के दस्तावेजों का सत्यापन किया जाना है। वहीं, क्राइम ब्रांच ने भी दोनों को अपने मामले की जांच में शामिल होने के लिए नोटिस दिया है।
जमानतदारों के दस्तावेजों का होगा सत्यापन
SEM कोर्ट ने सौरव दास और आशुतोष रांका के साथ उन्हें जमानत देने वाले दोनों जमानतदारों को भी शुक्रवार को पेश होने का निर्देश दिया है। उनके दस्तावेजों का सत्यापन होना बाकी है। जानकारी के मुताबिक, सौरव दास को गाजियाबाद के रहने वाले एक प्रोफेसर ने जमानत दी है। वहीं, आशुतोष रांका की जमानत उनकी पत्नी ने ली है। उनकी पत्नी मूल रूप से बनारस की रहने वाली हैं और बेंगलुरु में रहती हैं। जमानत देने के लिए उन्हें दिल्ली आना पड़ा। रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में दोनों नेताओं को जमानत देने के लिए कोई अन्य व्यक्ति तैयार नहीं हुआ था।
रिहाई के बाद क्राइम ब्रांच का नोटिस
बुधवार को जमानत पर जेल से बाहर आते ही सौरव दास और आशुतोष रांका को क्राइम ब्रांच ने अपने मामले में जांच में शामिल होने के लिए नोटिस दिया। अब दोनों को इस मामले में पुलिस की जांच प्रक्रिया का सामना करना होगा।
अदालत और पुलिस की प्रक्रिया जारी
दोनों नेताओं को जमानत मिलने के बाद भी मामला समाप्त नहीं हुआ है। SEM कोर्ट में जमानतदारों के दस्तावेजों का सत्यापन होना है। इसके अलावा, क्राइम ब्रांच के नोटिस के तहत उन्हें जांच में शामिल होना होगा। शुक्रवार को होने वाली पेशी में जमानतदारों के दस्तावेजों का सत्यापन अहम रहेगा। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, अदालत की प्रक्रिया और क्राइम ब्रांच की जांच दोनों जारी हैं।


