स्वतंत्र बोल
रायपुर 22 सितम्बर 2026 : राजधानी रायपुर में 27 सितंबर को निकलने वाली पारंपरिक गणेश प्रतिमा विसर्जन झांकी से पहले नया विवाद खड़ा हो गया है। जयस्तंभ चौक, मालवीय रोड, सदर बाजार और सत्ती बाजार जैसे संकरे मार्गों से गुजरने वाली इस झांकी में डीजे और धुमाल बजाने को लेकर स्थानीय निवासियों ने सख्त विरोध जताया है। शक्ति बाजार समेत आसपास के इलाकों में स्थानीय लोगों ने पोस्टर चस्पा कर डीजे-धुमाल को पूरी तरह प्रतिबंधित करने और उल्लंघन करने वालों पर बीएनएस की धारा 270 (सार्वजनिक उपद्रव) के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी है।
तेज बेस और साउंड सिस्टम से बुजुर्गों, मरीजों और स्थानीय व्यापारियों को हो रही भारी दिक्कत
झांकी के दौरान बजने वाले तेज बेस और साउंड सिस्टम से बुजुर्गों, मरीजों और स्थानीय व्यापारियों को हो रही भारी दिक्कतों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। स्थानीय लोगों और व्यापारियों का कहना है कि वे धार्मिक आस्था के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन अत्यधिक तेज आवाज और भीड़ से लोगों के स्वास्थ्य और सुरक्षा पर असर पड़ रहा है। सराफा व्यापारी परमित त्यागी ने बताया कि हाई बेस साउंड के कारण पूर्व में एक जुलूस के दौरान तेज आवाज से एक बुजुर्ग को हार्ट अटैक तक आ गया था।
व्यापारियों ने कलेक्टर और कमिश्नर से लगाई गुहार, झांकी का रूट बदलने का सुझाव
समस्या के स्थायी समाधान के लिए सदर बाजार के व्यापारियों ने रायपुर कलेक्टर और नगर निगम कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा है। सराफा व्यापारी हरख मालू के अनुसार, शहर की बढ़ती आबादी और संकरे रास्तों को देखते हुए झांकी को सीधे मालवीय रोड से बूढ़ा तालाब की ओर डायवर्ट कर दिया जाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि स्वागत पंडाल भी उसी वैकल्पिक मार्ग पर लगाए जा सकते हैं, जिससे संकरे बाजारों में जाम और भीड़ की स्थिति न बने।
व्यापारियों ने इस संबंध में स्थानीय थाना प्रभारी से की मुलाकात
व्यापारियों ने इस संबंध में स्थानीय थाना प्रभारी से भी मुलाकात कर ऐसी व्यवस्था बनाने का अनुरोध किया है जिससे आम जनता और दुकानदारों को परेशानी न हो। हालांकि, प्रशासन और पुलिस की ओर से अब तक इस ज्ञापन पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है, जिससे स्थानीय निवासियों और व्यापारियों में अनिश्चितता और असंतोष बना हुआ है।


