स्वतंत्र बोल
नागपुर 21 मार्च 2025: नागपुर हिंसा मामले में अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की एंट्री हुई है। नेशनल जांच एजेंसी (एनआईए) के अधिकारी आज छत्रपति संभाजीनगर में औरंगजेब की कब्र (Aurangzeb Tomb) का दौरा किया। NIA की टीम औरंगजेब की कब्र और उसके आसपास के इलाके का निरीक्षण किया। वहां अधिकारियों ने लोकल लोगों से बात कर जानकारी इकट्ठा की। बांग्लादेशी कनेक्शन सामने आने के बाद एनआईए इस मामले में जल्द ही केस दर्ज कर जांच शुरू कर सकती है।
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बता दें कि औरंगजेब की कब्र हटाने और धार्मिक अयातें वाली चादर जलाने की अफवाह के बाद 17 मार्च को नागपुर में हिंसा भड़क गई थी। उपद्रवियों ने गाड़ियों में तोड़फोड़ की और कुछ घरों पर हमला भी किया था। इसमें डीसीपी समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। जबकि उपद्रवियों ने गाड़ियों में तोड़फोड़ की, पेट्रोल बम फेंके, पथराव किया और कुछ घरों पर हमला किया था। इस मामले में 10 एफआईआर दर्ज की गई थीं। मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत 100 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है। वहीं 34 से अधिक सोशल मीडिया एकाउंट को बैन किया है।
हिंसा का मास्टरमाइंड है फहीम खान
हिंसा के मास्टरमाइंड फहीम शमीम खान को पुलिस ने बुधवार (19 मार्च) को गिरफ्तार किया था। इसे कोर्ट ने 21 मार्च तक की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। उस पर 500 से ज्यादा दंगाइयों को इकट्ठा करने और हिंसा को बढ़ावा देने का आरोप है। फहीम खान समेत छह आरोपियों के खिलाफ देशद्रोह का केस दर्ज किया गया है।
कांग्रेस करेगी दंगा प्रभावित इलाकों का दौरा
उधर, कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने नागपुर के दंगा प्रभावित इलाकों का दौरा करने के लिए गुरुवार (20 मार्च) को पार्टी नेताओं की एक समिति गठित की। महाराष्ट्र कांग्रेस के पदाधिकारियों ने बताया कि सपकाल की ओर से गठित समिति में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के गोवा प्रभारी माणिकराव ठाकरे और वरिष्ठ नेता नितिन राउत, यशोमति ठाकुर, हुसैन दलवई और साजिद पठान शामिल हैं। उन्होंने बताया कि नागपुर जिला कांग्रेस प्रमुख और विधायक विकास ठाकरे को इस समिति का संयोजक, जबकि एआईसीसी सचिव प्रफुल पाटिल को समन्वयक बनाया गया है।
नागपुर हिंसा कैसे हुई थी?
बता दें कि नागपुर में मुगल शासक औरंगजेब की कब्र उठाने को लेकर विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा हुई थी।विदर्भ क्षेत्र के सबसे बड़े शहर नागपुर के कई हिस्सों से सोमवार (17) शाम उस समय बड़े पैमाने पर पथराव और आगजनी की खबरें आईं, जब यह अफवाह फैली कि छत्रपतिसंभाजी नगर जिले में मुगल बादशाह औरंगजेब की कब्र हटाने की मांग को लेकर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के दौरान आयत वाली एक चादर जलाई गई है। इस हिंसा से पहले अफवाह फैली थी कि मस्जिद में मौजूद कुरान शरीफ को नुकसान पहुंचाया गया है। इसके बाद आगजनी और पथराव हुआ. पुलिस ने जैसे-तैसे हालात पर काबू पाया और इलाके में कर्फ्यू लगा दिया गया था।
