स्वतंत्र बोल
रायपुर,05 मई 2026: स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 को लेकर रायपुर नगर निगम ने कमर कस ली है और अब शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर सख्ती साफ नजर आने लगी है। महापौर मीनल चौबे ने अधिकारियों की अहम बैठक लेकर साफ शब्दों में निर्देश दिए हैं कि किसी भी हाल में शहर में गंदगी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में आयुक्त विश्वदीप, स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर समेत सभी जोन कमिश्नर और स्वच्छता अधिकारी मौजूद रहे। महापौर ने निर्देश दिए कि डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन शहर के हर इलाके में शत-प्रतिशत सुनिश्चित किया जाए, ताकि कहीं भी कचरे के ढेर नजर न आएं।
महापौर ने सफाई व्यवस्था को लेकर अनुबंधित कंपनी रामकी के कार्यों पर नाराजगी जताई और कहा कि यदि जिम्मेदारी सही ढंग से निभाई जाती, तो शहर में गंदगी की स्थिति नहीं बनती। उन्होंने अधिकारियों को फील्ड में उतरकर नियमित निरीक्षण करने और कचरा वाहनों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही सिटी प्रोफाइल स्थलों की विशेष सफाई और निगरानी पर भी जोर दिया गया है, ताकि शहर की छवि बेहतर बनाई जा सके। महापौर ने नागरिकों से भी अपील की कि वे स्वच्छता एप के जरिए अधिक से अधिक फीडबैक दें, जिससे रायपुर की रैंकिंग में सुधार हो सके।
आयुक्त विश्वदीप ने भी साफ कर दिया कि स्वच्छ सर्वेक्षण को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बाजारों, उद्यानों, तालाबों और स्लम क्षेत्रों में नियमित सफाई सुनिश्चित करने के साथ-साथ गंदगी फैलाने वालों पर सख्त जुर्माना लगाने के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष ने अधिकारियों को लक्ष्य देते हुए कहा कि रायपुर को देश का नंबर-1 स्वच्छ शहर बनाने के लिए पूरी जिम्मेदारी और मेहनत के साथ काम किया जाए। अब देखना होगा कि इन सख्त निर्देशों के बाद शहर की सफाई व्यवस्था में कितना बदलाव आता है।


