स्वतंत्र बोल
रायपुर 9 जुलाई 2025: छत्तीसगढ़ में दिव्यांग संघ बीते 4 महीने से लगातार तुता में प्रदर्शनरत है. दिव्यांग संघ अपनी 6 सूत्री मांगों को लेकर पहली बार 3 दिसम्बर को राजधानी में इकठ्ठा होकर सरकार के खिलाफ आवाज उठाए थे, जिसके बाद सरकार द्वारा इनकी मांगों को मान लेने का आश्वासन मिला था. वक्त गुजरा और इनके सब्र का बांध टुटा जिसके बाद मार्च महीने में तेलीबांदा के मरीन ड्राइव पर दिव्यांग संघ इकट्ठा हुआ. ये लोग तेलीबांदा के मरीन ड्राइव पर इकट्ठा होकर वहां से घड़ी चौक तक पैदल मार्च निकालना चाह रहे थे. इनका आरोप है कि सरकारी तंत्र ने बलपूर्वक इन लोगों को बस में भरा और ले जाकर तुता में छोड़ दिया. तभी से इस संघ के कार्यकर्ता और पदाधिकारी तुता में धरनारत है.
|
WhatsApp Group
|
Join Now |
|
Facebook Page
|
Follow Now |
|
Twitter
|
Follow Us |
|
Youtube Channel
|
Subscribe Now |

इस संघ के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से जब हमने बात की तो पता चला इस संघ में कुल 70 से 80 हजार दिव्यांग है. पिछले 9 सालों से सरकार की तरफ से किसी भी विभाग में इनके लिए कोई पद नहीं आ रहा जिसकी वजह से ये बेरोजगार है. हमने बातचीत में पूछा क्या निजी संस्थानों में आपलोगों को नौकरी नहीं मिलती? जिसके बाद भावुक होकर इस संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा सर मैं एमएससी पास हूं लेकिन बेरोजगार हूं. प्राइवेट स्कूल में नौकरी नहीं मिलती क्योंकि में शारीरिक रूप से ठीक नहीं हूं.

सरकार से क्या है, अपील
इस संघ का सरकार से अपील अपनी 6 सूत्री मांगों को लेकर है. इस संघ का यह कहना है कि प्रदेश में ऐसे बहुत से लोग नौकरी कर रहे है जो शरीरिक रूप से ठीक है उसके बाद भी विकलांगता का प्रमाण पत्र बनवाकर हमारी जगह नौकरी कर रहे है, उन सभी लोगों को सरकार नौकरी से निकालकर हमारे में जो भी योग्य है उनको उनकी योग्यता के आधार पर सरकारी पदों पर रखा जाए.
आश्वासन मिलता लेकिन नहीं पूरी हुई मांगे
इस संघ का कहना है कि हम लोगों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से भी मुलाकात की थी उन्होंने भी आश्वासन दिया था कि जल्द ही आपके मांगों को लेकर विचार किया जाएगा लेकिन अब तक उसपर कोई अमल नहीं किया गया.
