स्वतंत्र बोल
रायपुर, 23 अप्रैल 2026 :Raipur से एक अहम प्रशासनिक फैसले ने पूरे प्रदेश में चर्चा तेज कर दी है। छत्तीसगढ़ सरकार ने सरकारी कर्मचारियों पर लगाए गए एक बड़े प्रतिबंध को महज 24 घंटे के भीतर वापस ले लिया है, जिससे कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है।
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क्या था विवादित आदेश
दरअसल, Chhattisgarh शासन ने 21 अप्रैल को एक सख्त आदेश जारी किया था, जिसमें सरकारी कर्मचारियों के राजनीतिक दलों और अन्य संगठनों में शामिल होने पर रोक लगा दी गई थी।
इस आदेश के तहत कर्मचारियों को किसी भी संस्था, समिति या संगठन में बिना अनुमति पद धारण करने या सक्रिय भूमिका निभाने से भी प्रतिबंधित किया गया था।
24 घंटे में पलटा फैसला
आदेश जारी होने के महज एक दिन बाद ही सरकार ने यू-टर्न लेते हुए इसे वापस ले लिया। नए निर्देश में साफ किया गया है कि 21 अप्रैल का आदेश अगले आदेश तक स्थगित रहेगा और फिलहाल प्रभावी नहीं होगा।
यह आदेश उप सचिव अंशिका पांडेय द्वारा जारी किया गया, जिसमें स्पष्ट किया गया कि अब इन नियमों के आधार पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।
क्यों उठे सवाल
सरकार के इस अचानक फैसले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इतनी सख्ती के साथ जारी किए गए आदेश को इतने कम समय में वापस लेने के पीछे क्या कारण रहे, इसे लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
कर्मचारियों के बीच जहां राहत की भावना है, वहीं प्रशासनिक हलकों में इस फैसले को लेकर मंथन जारी है।
फिलहाल राहत, आगे नजर
फिलहाल सरकारी कर्मचारियों को इस आदेश से राहत जरूर मिल गई है, लेकिन यह स्थायी फैसला नहीं है। आने वाले समय में सरकार इस पर क्या नया रुख अपनाती है, इस पर सभी की नजर टिकी हुई है।
