स्वतंत्र बोल
रायपुर 19 अक्टूबर 2026: छत्तीसगढ़ के निजी मेडिकल कॉलेजों पर हॉस्टल और ट्रांसपोर्ट के नाम पर छात्रों से अतिरिक्त फीस वसूलने का आरोप लगा है। दावे के मुताबिक, पिछले तीन वर्षों में करीब 500 करोड़ रुपये और चालू साल में 150 करोड़ रुपये की अतिरिक्त वसूली की गई। यह मामला तब सामने आया है, जब राज्य शासन के आदेश के बावजूद फीस वापस नहीं करने और नए छात्रों से भी अतिरिक्त रकम लेने के आरोप लगाए जा रहे हैं।
फीस नियामक समिति की जांच में क्या सामने आया?
राज्य शासन की प्रवेश एवं फीस नियामक समिति की रिपोर्ट के अनुसार, सालाना 4.50 लाख रुपये से अधिक की राशि अवैध पाई गई थी। वर्ष 2022-23 से फीस बढ़ाए जाने के बाद अभिभावकों ने शिकायत की थी। इसके बाद समिति ने मामले की जांच की। समिति ने अतिरिक्त वसूली गई राशि ब्याज सहित लौटाने की अनुशंसा की थी। साथ ही, तीन निजी मेडिकल कॉलेजों पर 10-10 लाख रुपये का अर्थदंड लगाने की सिफारिश भी की गई थी। शासन ने इस संबंध में आदेश जारी किया था।
आदेश के बाद भी फीस वसूली जारी रहने का आरोप
आरोप है कि निजी मेडिकल कॉलेजों ने शासन के आदेश का पालन नहीं किया और छात्रों को अतिरिक्त फीस वापस नहीं की। नए छात्रों से भी वसूली जारी रहने की बात कही जा रही है।\ हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि कितने छात्रों को कितनी राशि लौटाई गई है और आदेश का पालन नहीं करने वाले कॉलेजों के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई हुई।
हॉस्टल और ट्रांसपोर्ट फीस पर भी सवाल
हॉस्टल और ट्रांसपोर्ट जैसी स्वैच्छिक सुविधाओं को छात्रों के लिए अनिवार्य बनाया जा रहा है। इसी के नाम पर अतिरिक्त फीस वसूलने का दावा किया गया है। वर्तमान में प्रदेश के निजी मेडिकल कॉलेजों में करीब 3,000 छात्र पढ़ रहे हैं। ऐसे में फीस से जुड़े इस विवाद का असर बड़ी संख्या में छात्रों और उनके अभिभावकों पर पड़ सकता है।
अब छात्रों को फीस कब वापस मिलेगी?
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल अतिरिक्त फीस की वापसी को लेकर है। समिति की अनुशंसा और शासन के आदेश के बावजूद राशि वापस नहीं मिलने के आरोपों पर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है। उपलब्ध जानकारी में कॉलेजों का पक्ष और फीस वापसी की मौजूदा स्थिति सामने नहीं आई है।


