स्वतंत्र बोल
रायपुर 21 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ में कानून-व्यवस्था, अग्निशमन और आपदा प्रबंधन जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं में मुस्तैदी से तैनात स्वयंसेवी नगर सैनिकों (Home Guards) के लिए राज्य सरकार ने बड़ी राहत का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश और गृह मंत्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में गृह विभाग ने नगर सैनिकों के मानदेय में भारी बढ़ोतरी का प्रस्ताव तैयार किया है। नए प्रस्ताव के तहत अब नगर सैनिकों को प्रतिमाह कुल ₹30,870 (यानी ₹1,029 प्रतिदिन) का मानदेय मिलेगा। राज्य सरकार के इस फैसले से प्रदेश के लगभग 7,900 नगर सैनिकों और उनके परिवारों को सीधा आर्थिक लाभ पहुंचेगा।
नए मानदेय और भत्तों का पूरा गणित
गृह विभाग द्वारा तैयार किए गए नए प्रस्ताव के अनुसार नगर सैनिकों के मानदेय की संरचना इस प्रकार होगी:
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मूल मानदेय: ₹19,500 प्रतिमाह
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महंगाई भत्ता (58 प्रतिशत): ₹11,310 प्रतिमाह
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वर्दी धुलाई भत्ता: ₹60 प्रतिमाह
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कुल प्रस्तावित मानदेय: ₹30,870 प्रतिमाह
जानिए पहले कितनी हुई थी बढ़ोतरी
नगर सैनिकों के मानदेय में समय-समय पर संशोधन किया जाता रहा है। इससे पहले वर्ष 2017 में गृह विभाग के आदेश से मानदेय में ₹3,200 की वृद्धि कर इसे ₹10,000 से बढ़ाकर ₹13,200 प्रतिमाह किया गया था। इसके बाद 30 मई 2023 को जारी आदेश के तहत 1 अप्रैल 2023 से मानदेय में ₹6,300 की और बढ़ोतरी की गई थी, जिससे यह बढ़कर ₹19,500 प्रतिमाह हो गया था। अब 58 फीसदी महंगाई भत्ते को जोड़ते हुए कुल मानदेय ₹30,870 कर दिया गया है।
अदालती निर्देश और उत्कृष्ट सेवाओं के आधार पर निर्णय
माननीय न्यायालय के निर्देशों, बढ़ती महंगाई और ड्यूटियों के दौरान नगर सैनिकों द्वारा कानून-व्यवस्था व आपदा प्रबंधन में दिए जा रहे उत्कृष्ट योगदान को ध्यान में रखते हुए गृह विभाग ने यह अनुशंसा की है। इस निर्णय से जवानों का आर्थिक संबल और कार्य के प्रति मनोबल मजबूत होगा। मानदेय में हुई इस बड़ी वृद्धि के बाद स्वयंसेवी नगर सैनिकों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और गृह मंत्री विजय शर्मा के प्रति आभार जताया है।


