स्वतंत्र बोल
रायपुर 22 सितम्बर 2026 :छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित सीजीपीएससी (CGPSC) भर्ती गड़बड़ी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए विशेष पीएमएलए (PMLA) कोर्ट में चार्जशीट पेश कर दी है। ईडी ने पूर्व सीजीपीएससी अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी, उत्कर्ष चंद्राकर और चेतन बोरघारिया के खिलाफ यह चालान दाखिल किया है। जांच एजेंसी ने अदालत के समक्ष 99 पन्नों की मुख्य समरी के साथ करीब 3700 पन्नों के सहायक दस्तावेज और साक्ष्य प्रस्तुत किए हैं, जिनमें आरोपियों की भूमिका और वित्तीय लेन-देन का विस्तृत ब्योरा शामिल है।
अदालत में पेश की गई इस विस्तृत चार्जशीट के बाद अब इस पूरे मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया शुरू होगी। ईडी की जांच के दौरान सामने आए दस्तावेजों के आधार पर तैयार इस चालान में मनी लॉन्ड्रिंग और पैसों के लेन-देन से जुड़े साक्ष्यों को आधार बनाया गया है। एजेंसी ने अदालत को बताया कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान गड़बड़ी कर अवैध वित्तीय लाभ लिया गया, जिसकी परतें जांच में खुली हैं।
जानिए क्या है CGPSC भर्ती गड़बड़ी मामला
यह पूरा मामला छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा वर्ष 2020 से 2022 के बीच आयोजित की गई भर्ती परीक्षाओं और चयन प्रक्रियाओं से जुड़ा है। आरोप है कि इन परीक्षाओं और साक्षात्कारों में योग्य अभ्यर्थियों को दरकिनार कर प्रभावशाली राजनेताओं और वरिष्ठ अधिकारियों के करीबियों व रिश्तेदारों को डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी और अन्य महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर चयनित किया गया। इस घोटाले के उजागर होने के बाद राज्य की भर्ती प्रणाली और चयन आयोग की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठे थे।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार के अनुरोध पर इसकी शुरुआती जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपी गई थी। सीबीआई ने जांच के दौरान कई ठिकानों पर छापेमारी कर महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए थे और पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी व तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक ललित गणवीर समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इसके बाद मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के कोण की जांच ईडी द्वारा शुरू की गई, जिसने अब अपनी पहली चार्जशीट अदालत में दाखिल कर दी है।


