3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जाएगा धान, जानें खरीदी के नए नियम

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रायपुर 29 अक्टूबर 2026:
छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू होगी। राज्य सरकार 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से अधिकतम 21 क्विंटल प्रति एकड़ के हिसाब से धान खरीदेगी। इस बार एग्रीस्टेक आईडी से पंजीकृत पिछले साल के किसानों को दोबारा पंजीयन नहीं कराना होगा। उन्हें धान बेचने के लिए समिति में अलग से ऋण पुस्तिका भी नहीं लानी पड़ेगी।

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कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने बुधवार को रायपुर के एकात्म परिसर स्थित भाजपा कार्यालय में पत्रकार वार्ता के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि धान खरीदी के लिए इस साल 360 नए उपार्जन केंद्र शुरू किए जाएंगे। इसके बाद प्रदेश में कुल 3100 केंद्रों के माध्यम से खरीदी होगी।

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27.50 लाख से ज्यादा किसानों से होगी खरीदी

रामविचार नेताम के मुताबिक, सरकार खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में 27.50 लाख से अधिक किसानों से धान खरीदेगी। इसके लिए समितियों में जरूरी व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। वास्तविक किसानों से धान खरीदी सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक आधारित व्यवस्था लागू की जाएगी।

उन्होंने बताया कि डिजिटल क्रॉप सर्वे के माध्यम से धान के रकबे का ऑनलाइन निर्धारण किया गया है। एग्रीस्टेक में पंजीकृत पिछले वर्ष के किसानों को इस बार भी धान बेचने के लिए मान्य किया गया है। ऐसे किसानों को नए सिरे से पंजीयन कराने की जरूरत नहीं होगी।

कृषक उन्नति योजना में बदलाव

कृषि मंत्री ने बताया कि मंत्रिपरिषद ने खरीफ-2026 के लिए कृषक उन्नति योजना में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके तहत धान की फसल पर आदान सहायता राशि अब प्रति क्विंटल के बजाय प्रति एकड़ के हिसाब से देने का निर्णय लिया गया है। सरकार के अनुसार, सहायता की गणना अधिकतम 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से की जाएगी, भले ही किसान की उपज इससे कम हो।

नेताम ने कहा कि इस फैसले से किसानों को प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही फसल विविधीकरण, किसानों की आय और उनके सामाजिक-आर्थिक स्तर में सुधार के साथ उन्नत बीज, उर्वरक, कीटनाशक, कृषि यंत्रीकरण और नई कृषि तकनीकों में निवेश को बढ़ावा मिलेगा।

अतिशेष धान की नीलामी को भी मंजूरी

मंत्रिपरिषद ने खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 और 2025-26 में बचे हुए धान के निपटारे के लिए नीलामी संबंधी मंत्रिमंडलीय उपसमिति के फैसले का भी अनुमोदन किया है।

रामविचार नेताम ने मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए फैसलों का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें किसानों के कल्याण के साथ शासकीय कर्मचारियों के कैशलेस इलाज और बिजली बिल में राहत से जुड़े निर्णय भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के किसान हितैषी फैसलों से किसानों को लाभ मिलेगा।

पत्रकार वार्ता में भाजपा प्रदेश महामंत्री डॉ. नवीन मार्कंडेय, किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष आलोक सिंह ठाकुर और प्रदेश प्रवक्ता नलिनीश ठोकने मौजूद रहे।