गरबा, मूर्ति पूजा और सनातन धर्म… छत्तीसगढ़ में क्यों बढ़ा सियासी विवाद?

Bhupesh Baghel Inflation Attack

स्वतंत्र बोल
रायपुर 19 अक्टूबर 2026:
छत्तीसगढ़ में मूर्ति पूजा और गरबे को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच सियासी विवाद तेज हो गया है। संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल की टिप्पणी के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कबीर पंथ, सिख धर्म और सतनाम पंथ का उदाहरण देते हुए अपनी बात रखी। इसके बाद बीजेपी ने सोशल मीडिया पर उनके बयान का वीडियो साझा कर सनातन धर्म के अपमान का आरोप लगाया। पूर्व विधायक पुरंदर मिश्रा ने भी भूपेश बघेल के बयान पर सवाल उठाए हैं।

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संस्कृति मंत्री ने क्या कहा था?

विवाद की शुरुआत संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल की टिप्पणी से हुई। उन्होंने कहा था कि मूर्ति पूजा नहीं करने वालों का गरबे में क्या काम। इस टिप्पणी पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रतिक्रिया दी और भारतीय दर्शन को समझने की बात कही।

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भूपेश बघेल ने मूर्ति पूजा पर क्या कहा?

भूपेश बघेल ने कहा कि टिप्पणी करने वाले भारतीय दर्शन को नहीं समझते। उन्होंने कबीर पंथ, सिख धर्म और सतनाम पंथ का जिक्र करते हुए सवाल किया कि इन पंथों में कौन-सी मूर्ति पूजा होती है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत में कई पंथ हैं, जिनमें गुरु परंपरा का महत्व है। उनके मुताबिक, इन परंपराओं में मूर्ति पूजा नहीं होती। उन्होंने कहा कि पहले भारत को समझना चाहिए, फिर इस विषय पर बात करनी चाहिए।

बीजेपी ने सोशल मीडिया पर क्या लिखा?

भूपेश बघेल के बयान के बाद बीजेपी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा किया। पार्टी ने उनके बयान का वीडियो लगाते हुए लिखा, “भूपेश ने आखिर सनातन का अपमान क्यों किया, जानने के लिए वीडियो अंत तक देखें…”

इस पोस्ट के जरिए बीजेपी ने भूपेश बघेल पर सनातन धर्म को अपमानित करने का आरोप लगाया। पार्टी की पोस्ट 18 अक्टूबर 2026 को साझा की गई थी।

पूर्व विधायक पुरंदर मिश्रा ने भी किया पलटवार

इस विवाद पर पूर्व विधायक पुरंदर मिश्रा ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भूपेश बघेल का ऐसा बयान उन्हें शोभा नहीं देता। उन्होंने मूर्ति पूजा नहीं मानने से जुड़ी टिप्पणी को बेतुका बताया और दावा किया कि छत्तीसगढ़ के सभी लोग मूर्ति पूजा के समर्थक हैं।

इस तरह गरबे में भागीदारी को लेकर संस्कृति मंत्री की टिप्पणी से शुरू हुआ विवाद अब मूर्ति पूजा, धार्मिक परंपराओं और सनातन धर्म को लेकर बीजेपी-कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तक पहुंच गया है।