Bhilai Yes Bank Scam: हितेश, अनिमेष, बाला और भावेश के बीच कनेक्शन- सीबीआई जाँच में खुलेगी कुंडली।

स्वतंत्र बोल
रायपुर 01 अप्रैल 2026.  भिलाई के यस बैंक में हुए 165 करोड़ रुपये के हवाला कांड में हाईकोर्ट बिलासपुर ने लंबी सुनवाई के बाद जाँच सीबीआई को सौपने का आदेश पारित किया है। भिलाई के यस बैंक में साल 2018 से 2020 के बीच सुपेला स्थित यस बैंक में अरबो रुपये का अवैध लेन-देन हुआ। भिलाई निवासी अनिमेष सिंह के खाते में धड़ल्ले से करोडो रुपये ट्रांजेक्शन हुआ, मामला बढ़ा तो अनिमेष सिंह ने अपने सहयोगी हितेश चौबे और बाला चौहान के खिलाफ भिलाई के खुर्सीपार पुलिस थाने में अपराध दर्ज कराया। अनिमेष ने पुलिस में दिए शिकायत में कहा कि यस बैंक में उसके नाम से खुले खाता का उपयोग हितेश चौबे और अन्य करते रहे। हितेश ने खाता का चेकबुक, पासबुक और एटीएम कार्ड सब अपने पास रखा रहा। ऐसे में अवैध ट्रांजेक्शन का जिम्मेदार हितेश चौबे है। अनिमेष सिंह की शिकायत पर पुलिस ने अपराध दर्ज किया तो उसके अगले ही दिन हितेश चौबे ने उसी थाने में अनिमेष के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करवा दिया।

अनिमेष की 12000 की नौकरी-
हितेश सिंह महादेव घाट रायपुरा का रहवासी है, जो सिविल ठेकेदार है इसके यहाँ अनिमेष सिंह 12000 रुपये की नौकरी करता था। स्वतंत्र बोल की पड़ताल में सामने आया कि अनिमेष और हितेश के बीच बेहद अच्छे संबंध थे, उसी भरोसे के चलते अनिमेष के नाम पर यस बैंक में खाता खोला गया। बाद में पैसो के लेनदेन को लेकर दोनों में विवाद हुआ और मामला पुलिस तक जा पहुंचा। पुलिस भी हितेश के रसूख के आगे नतमस्तक थी, उसकी शिकायत पर अनिमेष को बुलाकर कड़ाई से पूछताछ की। लेकिन अनिमेष द्वारा दर्ज कराइ गई FIR पर जाँच की औपचारिकता निभाई गई।

2022 में हाईकोर्ट पहुंचा-
साल 2018 से 2020 के बीच हुए हवालाकांड साल 2020 में अनिमेष द्वारा अपराध दर्ज कराने के बाद सार्वजनिक हुआ। भिलाई निवासी श्रमिक नेता प्रभुनाथ मिश्रा ने आयकर विभाग, प्रवर्तन निदेशालय आईजी दुर्ग एसपी दुर्ग को निष्पक्ष जाँच हेतु पत्र लिखा पर पुलिस सत्ता के दबाव में समुचित जाँच न कर सकी। साल 2022 में मामला हाईकोर्ट बिलासपुर पहुंचा और लंबी सुनवाई के बाद 11 मार्च 2026 को कोर्ट ने राज्य शासन, छत्तीसगढ़ पुलिस की जाँच से असंतुष्ट होकर केस सीबीआई को सौपने का आदेश पारित किया। अगली सुनवाई अप्रैल के दूसरे सप्ताह में होगी।

हवाला कांड में कांग्रेसी नेता शामिल-
हितेश चौबे जो मूलतः सिविल कॉन्ट्रैक्टर है, उसे भिलाई के तत्कालीन महापौर देवेंद्र यादव का करीबी बताया जाता है। यस बैंक में हुए ट्रांजेक्शन में अनेक ठेकेदारों ने पैसा जमा किया था, लेकिन पैसा निकलकर कहा गया यह जाँच का विषय है। बताते है कि कि इस मामले में दुर्ग भिलाई ने अनेक कांग्रेसी नेता भी शामिल है। सीबीआई जाँच में स्पष्ट होगा कि हितेश चौबे, बाला चौहान, अनिमेष सिंह और भावेश ताम्रकार के बीच क्या कनेक्शन था ?