स्वतंत्र बोल
बंगाल 12 फ़रवरी 2025: बंगाल सरकार और राज्यपाल के बीच एक बार फिर तनातनी बढ़ गई है. राज्यपाल सीवी आनंद बोस (C. V. Ananda Bose) ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) समेत 3 नेताओं को 8 महीने पुराने केस में मानहानि (Defamation) नोटिस भेजा है. नोटिस में TMC नेताओं से कहा गया है कि उन्हाेंने जो आरोप लगाए थे, उस पर माफी मांगा जाए, नहीं तो 11-11 करोड़ का मानहानि केस किया जाएगा. यह देश के इतिहास में पहली बार है, जब किसी राज्यपाल ने मुख्यमंत्री और विधायकों को मानहानि का नोटिस भेजा है.
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जून 2024 में राजभवन को लेकर की गई टिप्पणी को लेकर बंगाल के राज्यपाल ने सीएम ममता बनर्जी, कुणाल घोष समेत अन्य दो विधायकों को मानहानि नोटिस भेजा है. टीएमसी नेताओं को भेजे गए इस नोटिस में कहा गया है कि आपने राज्यपाल का मानहानि किया है. इस पर माफी मांगे नहीं तो 11-11 करोड़ का मानहानि केस किया जाएगा.
ये है पूरा मामला
दरअसल मई 2024 में पश्चिम बंगाल के 2 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हुए थे. बंगाल की बारानगर सीट से सयंतिका बनर्जी और भगवान गोला सीट से रैयत सरकार ने जीत हासिल की. इस दौरान दोनों विधायकों के शपथ को लेकर पेच फंस गया. शपथ को लेकर राज्यपाल ने विधानसभा अध्यक्ष को अधिकार नहीं दिया. सीवी आनदं बोस का कहना था कि डिप्टी स्पीकर दोनों को शपथ दिलाएं.
उधर दोनों विधायकों ने भी राजभवन जाकर भी शपथ लेने से इनकार कर दिया. विधायकों का कहना था कि राजभवन सुरक्षित नहीं है. शपथ को लेकर चल रहे घटनाक्रम के बीच बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राजभवन को लेकर गंभीर टिप्पणी की थी. सीएम ममता बनर्जी का कहना था कि राजभवन में महिलाएं सुरक्षित नहीं है.
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