स्वतंत्र बोल
तेलंगाना 5 नवंबर 2026: तेलंगाना के खम्मम जिले में बुधवार शाम को एक बड़ा हादसा सामने आया है। सथुपल्ली मंडल स्थित उफनती बेथुपल्ली झील में फंसे मछुआरों को सुरक्षित निकालने के ऑपरेशन के दौरान राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) के करीब 10 जवान लापता हो गए। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, उफनते पानी और तेज बहाव के कारण बचाव कार्य में लगी दो नावें पलटने की आशंका जताई जा रही है। पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश और खम्मम जिले में चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ (Cyclone Murasu) के असर से हो रही भारी बारिश के कारण झील का जलस्तर अचानक काफी बढ़ गया था।
मौके पर पहुंचे अधिकारी, NDRF ने संभाला मोर्चा
घटना की जानकारी मिलते ही खम्मम डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर दिवाकर TS और अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य तेज कराया। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार ने स्थिति की समीक्षा करने के बाद बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) के जवानों को तुरंत तैनात कर दिया गया है और वे युद्ध स्तर पर बचाव अभियान चला रहे हैं। उन्होंने X (ट्विटर) पर पोस्ट कर चिंता जताते हुए कहा कि वे खम्मम जिला कलेक्टर और NDRF के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं ताकि सभी लोगों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जा सके।
सीएम रेवंत रेड्डी ने ली जानकारी, रेवेन्यू मिनिस्टर ने दिया अपडेट
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने हादसे की पूरी जानकारी ली और डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर को SDRF के जवानों व मछुआरों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए हर संभव कदम उठाने के निर्देश दिए। आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री ने चीफ सेक्रेटरी संजय जाजू को हालात पर लगातार नजर बनाए रखने को कहा है।
दूसरी ओर, तेलंगाना के रेवेन्यू मिनिस्टर पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए बताया कि रेस्क्यू टीम ने लापता SDRF कर्मचारियों की संभावित लोकेशन की पहचान कर ली है और उन्हें जल्द ही सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाएगा। प्रशासन और आपातकालीन टीमें झील में सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं।


