स्वतंत्र बोल
रायपुर 27 अक्टूबर 2026: छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के दौरान किसान घर बैठे ‘तुंहर टोकन’ मोबाइल एप से धान बेचने के लिए ऑनलाइन टोकन ले सकेंगे। राज्य सरकार ने पिछले साल की तरह इस बार भी ऑनलाइन टोकन की व्यवस्था जारी रखी है। टोकन की संख्या किसान की जोत के रकबे के आधार पर तय होगी। खास बात यह है कि एक टोकन पर पूरी पात्र मात्रा का धान नहीं बेच पाने पर बाकी पात्रता खत्म नहीं होगी।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग का ‘तुंहर टोकन’ एप गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है। किसान इस एप के माध्यम से 24 घंटे और सातों दिन टोकन प्राप्त कर सकते हैं। इससे उन्हें टोकन के लिए सोसायटियों में लंबी कतारों में लगने और बार-बार चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
जोत के हिसाब से मिलेंगे टोकन
धान बेचने के लिए टोकन की संख्या किसान के रकबे के अनुसार निर्धारित की गई है।
- दो एकड़ तक: लघु एवं सीमांत किसानों को एक टोकन मिलेगा।
- दो एकड़ से अधिक और 10 एकड़ तक: अधिकतम दो टोकन मिल सकेंगे।
- 10 एकड़ से अधिक: अधिकतम तीन टोकन लेने की सुविधा होगी।
टोकन में खुद दर्ज कर सकेंगे धान की मात्रा
किसानों को टोकन लेते समय धान की मात्रा दर्ज करने की सुविधा भी मिलेगी। वे अपनी जरूरत और उपलब्धता के अनुसार मात्रा दर्ज कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें अपनी पूरी पात्र मात्रा एक ही टोकन में दर्ज करना जरूरी नहीं होगा।
बची हुई पात्रता से दूसरे टोकन पर बेच सकेंगे धान
यदि कोई किसान एक टोकन पर अपनी पूरी पात्र मात्रा का धान नहीं बेच पाता है, तो उसकी बची हुई पात्रता समाप्त नहीं होगी। वह नियमानुसार दूसरे या तीसरे टोकन के माध्यम से शेष पात्र मात्रा का धान बेच सकेगा।
राज्य सरकार के अनुसार, ऑनलाइन टोकन व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को धान बेचने में सुविधा देना और प्रक्रिया को अधिक सुगम बनाना है। इससे किसान अपनी सुविधा के अनुसार टोकन लेकर धान विक्रय की तैयारी कर सकेंगे।


