जिगरी यार ही निकला कातिल! इलाज के बहाने बुलाया और क्लिनिक में दे दिया जहरीला इंजेक्शन, फिर रची खौफनाक साजिश

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नई दिल्ली 22 अक्टूबर 2026:  झारखंड के कोडरमा से एक सनसनीखेज ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री का खुलासा हुआ है। मेरठ के ब्लू ड्रम और सांप कांड जैसी खौफनाक वारदातों की याद ताजा करते हुए यहां एक पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति को रास्ते से हटा दिया। मृतक की पत्नी और उसके जिगरी यार सह झोलाछाप डॉक्टर ने मिलकर इस पूरी वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

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अवैध संबंधों के रास्ते का कांटा बना पति

मृतक नरेश ठाकुर (निवासी चौपारण, हजारीबाग) का आरोपी सुनील ठाकुर के साथ गहरा याराना था। पेशे से झोलाछाप डॉक्टर सुनील का नरेश के घर आना-जाना था। इसी मेल-जोल के चलते साल 2019 से सुनील और नरेश की पत्नी किरण देवी के बीच अवैध प्रेम संबंध शुरू हो गए। जब नरेश को अपनी पत्नी और दोस्त के इस रिश्ते की भनक लगी, तो उसने इसका कड़ा विरोध करना शुरू कर दिया। इसके बाद दोनों ने मिलकर नरेश को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने का प्लान बना लिया।

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बीमारी का झांसा देकर क्लिनिक बुलाया

10 अक्टूबर को सुनियोजित षड्यंत्र के तहत किरण देवी ने अपने प्रेमी सुनील को फोन किया। उसने बताया कि उसका पति नरेश बीमार है और कोडरमा रेलवे स्टेशन से कोलकाता जाने की तैयारी में है। सुनील तुरंत स्टेशन पहुंचा और नरेश को इलाज का झांसा देकर अपनी बाइक पर बैठाकर नवलशाही स्थित अपने क्लिनिक ले गया। वहां इलाज के नाम पर सुनील ने अपने ही जिगरी दोस्त नरेश को जहरीला कीटनाशक (पेस्टीसाइड) का इंजेक्शन लगा दिया। इस खतरनाक इंजेक्शन से तड़प-तड़पकर नरेश की मौत हो गई।

बोरे में बंद कर खदान में फेंका, फिर दर्ज कराई झूठी रिपोर्ट

हत्या के बाद साक्ष्य छिपाने के लिए सुनील ने नरेश के शव को प्लास्टिक के बोरे में कसकर बांधा। इसके बाद रात के अंधेरे में मोटरसाइकिल पर लादकर लकराही तालाब के पास एक बंद पड़े पत्थर की खदान में फेंक दिया। किसी को शक न हो, इसलिए शातिर पत्नी किरण देवी ने स्थानीय पुलिस थाने में पति की गुमशुदगी की झूठी रिपोर्ट दर्ज करवा दी ताकि वह कानून की नजरों से बच सके।

SIT जांच और कॉल डिटेल से खुला राज

17 अक्टूबर को नवलशाही थाना क्षेत्र की एक बंद खदान से बोरे में बंद अज्ञात शव मिला। कोडरमा एसपी कुमार शिवाशीष ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कांड संख्या 69/26 दर्ज कर SIT का गठन किया। एसआईटी ने सर्विलांस, तकनीकी पहलुओं और ह्यूमन इंटेलिजेंस के आधार पर शव की पहचान नरेश ठाकुर के रूप में की। जब पुलिस ने पत्नी किरण देवी की कॉल डिटेल और गतिविधियों की जांच की, तो सुनील ठाकुर के साथ उसके अवैध संबंधों का पर्दाफाश हो गया। कड़ाई से पूछताछ करने पर दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया, जिसके बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।