स्वतंत्र बोल
रायपुर 21 अक्टूबर 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रिफॉर्म एक्सप्रेस को नई गति देने की तैयारी है। 27 अक्टूबर को कैबिनेट सचिव सभी मंत्रालयों के सचिवों के साथ बैठक करेंगे। इसमें मंत्रालयों से चल रही योजनाओं, उनकी प्रगति, जनता को मिल रहे लाभ और भविष्य की कार्ययोजनाओं पर रिपोर्ट ली जाएगी। इस समीक्षा की समग्र रिपोर्ट प्रधानमंत्री के सामने रखी जाएगी। इसके बाद ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ईज ऑफ लिविंग को बेहतर बनाने के लिए अहम फैसले लिए जा सकते हैं।
मंत्रालयों से योजनाओं का पूरा ब्योरा मांगा गया
एक मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, कैबिनेट सचिवालय ने सभी मंत्रालयों को अपनी योजनाओं और कामकाज की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने को कहा है। इसमें वर्तमान में चल रही योजनाओं की स्थिति, उनकी प्रगति और उनसे जनता को मिल रहे लाभ की जानकारी शामिल होगी। मंत्रालयों को भविष्य के लिए प्रस्तावित कार्ययोजनाओं का ब्योरा भी देना होगा।
27 अक्टूबर को कैबिनेट सचिव सभी मंत्रालयों के सचिवों से क्रमवार जानकारी लेकर कामकाज की समीक्षा करेंगे। इसके बाद तैयार समग्र रिपोर्ट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने प्रस्तुत की जाएगी। उच्चस्तरीय बैठक में समीक्षा के आधार पर कुछ फैसले लिए जा सकते हैं।
ईज ऑफ डूइंग और ईज ऑफ लिविंग पर जोर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म पर जोर देते रहे हैं। सरकार का उद्देश्य व्यापार करने की प्रक्रिया को आसान बनाने के साथ ही आम लोगों के जीवन को भी सुविधाजनक बनाना है।
ईज ऑफ लिविंग का दायरा शहरों तक सीमित न रहकर कस्बों और गांवों तक पहुंचाने पर जोर है। मंत्रालयों की समीक्षा को इसी दिशा में आगे के कदमों से जोड़कर देखा जा रहा है।
योजनाओं को सैचुरेशन मोड तक पहुंचाने की तैयारी
सरकार का प्रयास है कि जनता के हितों को ध्यान में रखकर शुरू की गई योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र लोगों तक पहुंचे। इसी उद्देश्य से योजनाओं को सैचुरेशन मोड तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।
पिछले दिनों देशभर में जनता से जुड़ी योजनाओं के विभागों की ओर से शिविर भी लगाए गए। इन प्रयासों के बीच मंत्रालयों के कामकाज की समीक्षा को सरकारी योजनाओं की प्रगति और उनके लाभ का आकलन करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
राजनीतिक घटनाक्रम के बीच समीक्षा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य और केंद्र सरकार के प्रमुख के रूप में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर जनविश्वास को अपनी यात्रा का आधार बताया था। उन्होंने नई ऊर्जा के साथ काम करने और रिफॉर्म एक्सप्रेस को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता भी जताई थी।
सरकार की इस पहल को मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रमों से जोड़कर भी देखा जा रहा है। विपक्ष सरकार के प्रति जनता के विश्वास को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है, ऐसा खबर में उल्लेख किया गया है। इस बीच सरकार का जोर योजनाओं के लाभ को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने और प्रशासनिक कामकाज में सुधार पर है।
27 अक्टूबर की बैठक के बाद प्रधानमंत्री के सामने मंत्रालयों की समग्र रिपोर्ट रखी जाएगी। इसके बाद ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ईज ऑफ लिविंग को बेहतर बनाने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे, इस पर नजर रहेगी।


