क्या बीजेपी नेताओं ने नहीं की दूसरी शादियां? मोहन भागवत के बयान पर भड़के पूर्व सीएम भूपेश बघेल

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स्वतंत्र बोल
रायपुर 16 अक्टूबर 2026:
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के एक बयान को लेकर देश की सियासत गरमा गई है। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने आरएसएस प्रमुख पर तीखा पलटवार किया है। भूपेश बघेल ने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि मोहन भागवत पहले यह स्पष्ट करें कि वे मोहन भागवत को मानते हैं या नहीं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि एक तरफ वे अल्पसंख्यकों को सताने वालों को हिंदू न होने की बात कहते हैं, तो दूसरी तरफ बीजेपी के बड़े नेता और उनके परिवार के लोग दूसरी जातियों और धर्मों में शादियां कर रहे हैं। बघेल ने दोटूक शब्दों में कहा कि मोहन भागवत को दूसरों पर उंगली उठाने से पहले अपने घर और नेताओं के गिरेबान में झांकना चाहिए।

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“क्या आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और बीजेपी नेताओं ने ऐसा नहीं किया?”

भूपेश बघेल ने संघ प्रमुख के बयानों पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश में कई बड़े नेता हैं, चाहे लालकृष्ण आडवाणी हों, मुरली मनोहर जोशी हों या फिर अन्य वरिष्ठ बीजेपी नेता, क्या उनके परिवारों में परंपराओं से हटकर विवाह नहीं हुए? उन्होंने सवाल उठाया कि जब बात परंपराओं और भारतीय दर्शन की आती है, तो संघ को पहले यह देखना चाहिए कि उनके अपने लोग किन नियमों का पालन कर रहे हैं। बघेल ने कहा कि सिख धर्म, कबीर पंथ और गुरु घासीदास की परंपराओं में भी मूर्ति पूजा का विधान नहीं है, ऐसे में धर्म और दर्शन की आड़ में बयानबाजी करने से पहले जमीनी हकीकत को समझना जरूरी है।

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भारतीय दर्शन और परंपराओं का दिया हवाला

पूर्व मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि भारतीय दर्शन बहुत व्यापक है और इसमें अलग-अलग पंथ व गुरु परंपराएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सांख्य दर्शन या अन्य प्राचीन भारतीय पद्धतियों में मूर्ति पूजा का कोई जिक्र नहीं है। ऐसे में केवल एक वैचारिक एजेंडे के तहत बयान देना सही नहीं है। बघेल के इस तीखे बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में बहस छिड़ गई है, और आने वाले दिनों में इस पर सियासी बयानबाजी और तेज होने के आसार हैं।