नक्सलवाद के बाद बस्तर में अब पुनर्वास पर जोर, अमित शाह ने क्या कहा?

1792075098 e9d166a0fbb4b702711b

स्वतंत्र बोल
रायपुर 15 अक्टूबर 2026:
दंतेवाड़ा में 15 से 17 अक्टूबर तक आयोजित तीन दिवसीय शिविर में दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा के 768 दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण दिए जाएंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शिविर के दूसरे चरण का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के बाद अब हिंसा से प्रभावित लोगों का पुनर्वास करना और उन्हें सम्मान के साथ जीवन जीने के अवसर देना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।

ad

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में चलाए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत यह शिविर आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।

youtube

दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा के लोगों को मिलेगा लाभ

शिविर में तीन जिलों के लाभार्थियों को कृत्रिम अंग और अलग-अलग तरह के सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। इनमें दंतेवाड़ा के 509, बीजापुर के 197 और सुकमा के 62 दिव्यांगजन शामिल हैं।

शिविर का आयोजन भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति, जयपुर और सहयोगी संस्थाओं की मदद से किया जा रहा है। लाभार्थियों को व्हीलचेयर, ट्राइसाइकिल, बैसाखी, श्रवण यंत्र, स्मार्ट वॉकिंग स्टिक और कृत्रिम अंग जैसे उपकरण उपलब्ध कराने की योजना है।

‘नक्सलवाद खत्म होने के बाद पीड़ितों के घाव भरना जरूरी’

अमित शाह ने कहा कि नक्सली हिंसा ने पांच दशकों तक बस्तर के गरीब और आदिवासी परिवारों को गहरी पीड़ा दी है। उनके मुताबिक, नक्सलियों के आईईडी विस्फोटों में निर्दोष नागरिक दिव्यांग हुए। अब इन लोगों को दोबारा अपने पैरों पर खड़ा करने और सम्मानजनक जीवन जीने में मदद करना जरूरी है।

गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार दिव्यांगजनों और नक्सली हिंसा से प्रभावित लोगों के पुनर्वास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस काम में केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ सरकार के साथ खड़ी है।

शाह ने यह भी कहा कि मोदी सरकार ने 31 मार्च 2026 से पहले देश से नक्सलवाद समाप्त करने का संकल्प लिया था। उनके अनुसार, अब नक्सलवाद के बाद उससे प्रभावित लोगों की पीड़ा कम करने और उसकी निशानियां मिटाने पर ध्यान देना होगा।

जगदलपुर के शिविर में 3,600 से ज्यादा लोग हुए थे लाभान्वित

अमित शाह ने बताया कि 5 से 7 अक्टूबर 2026 तक जगदलपुर में आयोजित शिविर में 3,600 से अधिक दिव्यांगजन लाभान्वित हुए थे। इनमें बस्तर के 1,570 से ज्यादा लोग शामिल थे।

उन्होंने इस संख्या को बस्तर के गरीब और आदिवासी परिवारों की दशकों पुरानी पीड़ा से जोड़ते हुए कहा कि नक्सली हिंसा से प्रभावित लोगों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराना उनके जीवन को आसान बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

गृह मंत्री ने छत्तीसगढ़ सरकार, जिला प्रशासन, समाज कल्याण विभाग, भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति और भारतीय जैन संघ सहित सहयोगी संस्थाओं के योगदान की सराहना की। उन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ संघर्ष और क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने में स्थानीय जनजातीय समाज की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया।

बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम का भी किया जिक्र

शाह ने बस्तर में शांति और विकास के लिए छत्तीसगढ़ सरकार की विभिन्न पहलों की सराहना की। उन्होंने बस्तर ओलंपिक, बस्तर पंडुम, नियद नेल्लानार और मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि बस्तर ओलंपिक के जरिए युवाओं को खेलों में अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल रहा है। वहीं, बस्तर पंडुम के माध्यम से जनजातीय कला, संस्कृति और परंपराओं को बढ़ावा दिया जा रहा है।

गृह मंत्री के मुताबिक, नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने और आधारभूत ढांचे के विस्तार पर काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों का उद्देश्य बस्तर में शांति और विकास को आगे बढ़ाना है।