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डोंगरगढ़ (राजनांदगांव) 12 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ थाना क्षेत्र स्थित ग्राम चौथना में हुए सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पारिवारिक विवाद और बीमारी के पीछे जादू-टोने का शक इतना गहरा गया कि मामला खूनी संघर्ष तक पहुंच गया। इस खौफनाक वारदात में एक महिला और उसके बेटे की जान चली गई, जबकि बेटी गंभीर रूप से घायल हो गई। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी समेत एक ही परिवार के तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
9 अक्टूबर को सामने आया था खौफनाक मंजर
यह पूरी घटना 9 अक्टूबर को तब सामने आई जब सुखी सोनकर अपने घर पहुंचे। घर के भीतर उनकी पत्नी कमला सोनकर और बेटा खुमेन्द्र सोनकर मृत अवस्था में पड़े मिले, जबकि उनकी बेटी ममता सोनकर गंभीर रूप से घायल थी। घर के अंदर का यह मंजर देखकर पूरे गांव में सनसनी फैल गई। परिजनों और ग्रामीणों की सूचना पर घायल ममता को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया और डोंगरगढ़ पुलिस को मामले की जानकारी दी गई।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर बनी थी संयुक्त टीम
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देश पर डोंगरगढ़ पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीमों का गठन किया गया। पुलिस ने घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और संदिग्धों की गतिविधियों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया। जांच के दौरान घटना के बाद से फरार चल रहे हेमंत कुमार सोनकर पर पुलिस का संदेह गहराया, जिसे 12 अक्टूबर को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर इस मामले में सोनू सोनकर और केशर सोनकर की संलिप्तता भी सामने आई।
जादू-टोने का शक और साक्ष्य मिटाने की साजिश
पुलिस की विवेचना में यह बात सामने आई कि परिवार में सदस्यों की लगातार तबीयत खराब हो रही थी, जिसे लेकर जादू-टोने का संदेह किया जा रहा था। इसी विवाद के चलते हेमंत कुमार सोनकर ने अपनी चाची कमला सोनकर और चचेरे भाई खुमेन्द्र सोनकर पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। बीच-बचाव या हमले में चचेरी बहन ममता सोनकर भी गंभीर रूप से घायल हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने साक्ष्य मिटाने की भी कोशिश की। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने घटना में इस्तेमाल लोहे की टंगिया, मोटरसाइकिल के साथ-साथ खून से सने कपड़े और टंगिया के लकड़ी के बेंट को जलाकर नष्ट करने के अवशेष भी बरामद किए हैं।


