‘वेरी हाई रिस्क’ श्रेणी में आए छत्तीसगढ़ के 17 अस्पताल! जानिए क्यों हुई अचानक बड़ी कार्रवाई

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स्वतंत्र बोल
रायपुर 1 अक्टूबर 2026 :
राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) की ओर से आयुष्मान योजना में VERY HIGH RISK स्कोर वाले छत्तीसगढ़ के 17 अस्पतालों का राज्य स्तरीय जांच दल ने निरीक्षण किया। टीम ने अस्पतालों से आयुष्मान योजना के तहत मरीजों को दिए गए इलाज से जुड़े जरूरी दस्तावेज लिए। फर्जी मरीज भर्ती करने, नगद राशि लेने और स्वस्थ व्यक्ति को मरीज बताकर भर्ती करने जैसी शिकायतों के आधार पर यह जांच की गई। जांच से मिले तथ्यों और निष्कर्षों के आधार पर आगे नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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7 जिलों के 17 अस्पताल जांच के दायरे में

जांच के दायरे में रायपुर के 7, बिलासपुर के 3, दुर्ग के 2 और सरगुजा, बस्तर, कबीरधाम, कोंडागांव तथा कोरबा के एक-एक अस्पताल शामिल हैं।

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जांच टीम ने संबंधित अस्पतालों में आयुष्मान योजना के तहत मरीजों को उपलब्ध कराए गए उपचार से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की। इन दस्तावेजों का अब विस्तृत परीक्षण किया जाएगा।

किन अस्पतालों की हुई जांच?

बस्तर में एससीएच हॉस्पिटल, बिलासपुर में अशोक प्रसूति मंदिर, केयर एन क्योर मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल और मेहता चिल्ड्रन नर्सिंग होम की जांच की गई।

दुर्ग में श्री शंकराचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस और पल्स हॉस्पिटल को जांच के दायरे में रखा गया। कबीरधाम में जय जगन्नाथ हेल्थकेयर और कोंडागांव में नेताम हॉस्पिटल एंड इनफर्टिलिटी सेंटर की भी जांच हुई।

कोरबा में हरि कृष्णा केयर हॉस्पिटल और सरगुजा में डीएचटी केयर हॉस्पिटल की जांच की गई।

रायपुर में एसआरआईएमएसआर श्री रावतपुरा सरकार हॉस्पिटल, श्री महावीर हॉस्पिटल, एसके केयर हॉस्पिटल, विजन सेंटर आई हॉस्पिटल और वरदान हॉस्पिटल की जांच की गई।

दो अस्पतालों पर डी-इंपेनलमेंट की कार्रवाई

राज्य स्तरीय जांच दल की अनुशंसा के आधार पर 28 और 29 सितंबर को रायपुर के मेडलाइफ हॉस्पिटल और लोटस हॉस्पिटल के खिलाफ आयुष्मान योजना से डी-इंपेनलमेंट की कार्रवाई की गई।

जांच में शामिल बाकी अस्पतालों से लिए गए दस्तावेजों का विस्तृत परीक्षण किया जाना है। इसके बाद जांच में सामने आने वाले तथ्यों और निष्कर्षों के आधार पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

आयुष्मान योजना पर स्वास्थ्य विभाग की निगरानी

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देशानुसार स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी आयुष्मान योजना के तहत अस्पतालों में उपचार और दावों की प्रक्रिया की लगातार जांच और निगरानी कर रहे हैं।

स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य आयुष्मान योजना के पात्र हितग्राहियों को गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करना तथा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को मजबूत करना है।