एक साथ उजड़ीं दो जिंदगियां! डॉक्टरों पर गंभीर आरोप, जानिए राजनांदगांव जिला अस्पताल में क्या हुआ?

Gumla

स्वतंत्र बोल
राजनांदगांव 22 सितम्बर 2026 :
जिला अस्पताल में प्रसव के दौरान महिला और उसके नवजात बच्चे की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान लापरवाही बरती गई। महिला और बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों पर सवाल उठाते हुए अस्पताल में हंगामा किया। परिजनों का यह भी आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने बिना पोस्टमार्टम कराए महिला का शव उन्हें सौंप दिया। मामले की शिकायत अब कलेक्टर से की गई है।

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प्रसव पीड़ा के बाद अस्पताल लाई गई थी महिला

परिजनों के मुताबिक महिला को प्रसव पीड़ा होने पर राजनांदगांव जिला अस्पताल लाया गया था। यहां इलाज के दौरान महिला और उसके नवजात बच्चे दोनों की मौत हो गई। मौत की जानकारी मिलते ही परिजन अस्पताल में जुट गए। उन्होंने डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया और हंगामा शुरू कर दिया।

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बिना पोस्टमार्टम शव सौंपने का आरोप

परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर एक और गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि महिला की मौत के बाद बिना पोस्टमार्टम कराए ही शव उन्हें सौंप दिया गया। परिजनों का आरोप है कि इस तरह मामले को दबाने की कोशिश की गई। इसी को लेकर उन्होंने अब पूरे मामले की शिकायत कलेक्टर से की है।

कलेक्टर से की जांच की मांग

मामले को लेकर परिजनों ने कलेक्टर से शिकायत की है। उन्होंने अस्पताल में इलाज के दौरान हुई जच्चा-बच्चा की मौत और बिना पोस्टमार्टम शव सौंपे जाने के आरोपों की जांच की मांग की है।

फिलहाल, इस मामले में सामने आए आरोपों के आधार पर परिजनों की शिकायत प्रशासन के सामने पहुंच गई है।