TMC में बगावत तेज: बागी खेमे के 10 विधायकों की विधानसभा से छुट्टी? 7 दिन में देना होगा जवाब

स्वतंत्र बोल
कोलकाता 16 सितंबर 2026।
पश्चिम बंगाल विधानसभा सचिवालय ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी गुट से जुड़े 10 विधायकों को नोटिस जारी किया है। सभी से एक हफ्ते के भीतर जवाब मांगा गया है। यह कार्रवाई ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट की उस याचिका के बाद हुई है, जिसमें इन विधायकों को अयोग्य ठहराने की मांग की गई है। इस कदम के साथ TMC के दोनों गुटों के बीच चल रही खींचतान अब विधानसभा की औपचारिक कार्यवाही तक पहुंच गई है।

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इन 10 विधायकों को मिला नोटिस

विधानसभा सचिवालय की ओर से विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी समेत 10 विधायकों को नोटिस दिया गया है। इनमें अरूप राय, फिरहाद हकीम, संदीपन साहा, अखरुजमान अंसारी, शिउली साहा, सबीना यास्मीन, बिप्लब मित्रा, जावेद खान और रथिन घोष शामिल हैं।विधानसभा सूत्रों के मुताबिक, सभी विधायकों को सात दिन के भीतर अपना जवाब देना होगा।

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बागी विधायक ने नोटिस मिलने की पुष्टि की

बागी गुट के विधायक अखरुजमान अंसारी ने मंगलवार रात नोटिस मिलने की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि इस मामले पर पार्टी के भीतर चर्चा की जाएगी और तय समय के भीतर उचित जवाब दिया जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा मामला

यह घटनाक्रम ममता बनर्जी गुट की ओर से सुप्रीम कोर्ट का रुख किए जाने के एक दिन बाद सामने आया है। ममता गुट की ओर से विपक्ष के नेता पद के उम्मीदवार शोभनदेब चट्टोपाध्याय ने ऋतब्रत बनर्जी और उनके साथ जुड़े नौ अन्य विधायकों को अयोग्य ठहराने की मांग की है।TMC के दोनों गुटों के बीच विवाद पार्टी के नाम, चुनाव चिह्न और संगठन पर नियंत्रण को लेकर भी चल रहा है। यह मामला चुनाव आयोग के सामने भी है।

विपक्ष के नेता पद को लेकर भी विवाद

ऋतब्रत बनर्जी को विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में मान्यता दिए जाने को लेकर भी विवाद चल रहा है। इस मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट में कार्यवाही लंबित है। ममता गुट की ओर से शोभनदेब चट्टोपाध्याय ने इस मान्यता को चुनौती दी है। अब विधानसभा सचिवालय के नोटिस के बाद दोनों गुटों के बीच विवाद का एक और मोर्चा खुल गया है। 10 विधायकों के जवाब के बाद आगे की प्रक्रिया तय होगी।