अब पढ़ाई के लिए नहीं जाना पड़ेगा बड़े शहर! कुनकुरी में बन रहा ऐसा ‘नालंदा परिसर’ जो बदल देगा युवाओं का भविष्य

स्वतंत्र बोल
रायपुर 01 जुलाई 2026:
छत्तीसगढ़ के युवाओं को महानगरों जैसी आधुनिक अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार तेजी से काम कर रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के संकल्प के तहत जशपुर जिले के कुनकुरी स्थित सलियाटोली में 4.37 करोड़ रुपये की लागत से 250 सीटर अत्याधुनिक नालंदा परिसर का निर्माण तेजी से जारी है। यह परिसर विद्यार्थियों के लिए आधुनिक, तकनीक आधारित और गुणवत्तापूर्ण अध्ययन का प्रमुख केंद्र बनेगा।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 21 जून 2025 को इस महत्वाकांक्षी परियोजना का भूमिपूजन किया था। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में नालंदा परिसर विकसित करने का उद्देश्य युवाओं को बेहतर शैक्षणिक वातावरण, डिजिटल संसाधन और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए उच्चस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराना है। जशपुर जिला मुख्यालय के साथ-साथ कुनकुरी में भी आधुनिक अध्ययन केंद्र विकसित किए जा रहे हैं।

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इस नालंदा परिसर की सबसे बड़ी विशेषता यह होगी कि इसकी लाइब्रेरी सप्ताह के सातों दिन और 24 घंटे विद्यार्थियों के लिए खुली रहेगी। यहां प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों को शांत, सुरक्षित और तकनीकी सुविधाओं से लैस अध्ययन वातावरण मिलेगा।

परिसर में इंडोर और आउटडोर दोनों तरह की अध्ययन सुविधाएं विकसित की जाएंगी। प्राकृतिक वातावरण के बीच तैयार किए जा रहे ऑक्सी रीडिंग जोन में विद्यार्थी खुले माहौल में पढ़ाई कर सकेंगे। परिसर को पर्यावरण अनुकूल अवधारणा के तहत विकसित किया जा रहा है, जिसमें सौर ऊर्जा आधारित प्रकाश व्यवस्था, ऊर्जा दक्ष भवन डिजाइन और 50 से अधिक देशी प्रजाति के पौधों का रोपण किया जाएगा।

विद्यार्थियों की समग्र जरूरतों को ध्यान में रखते हुए परिसर में यूथ टावर, स्पोर्ट्स कोर्ट, कैफेटेरिया, एटीएम और हेल्थ जोन जैसी आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए इस परियोजना को स्वायत्त एवं स्ववित्तपोषित संचालन मॉडल पर विकसित किया जा रहा है।

नालंदा परिसर की लाइब्रेरी में 50 हजार से अधिक पुस्तकों का संग्रह रहेगा। इसके अलावा डिजिटल लाइब्रेरी, हाई-स्पीड वाई-फाई, ई-लर्निंग संसाधन और प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित विशेष अध्ययन सामग्री भी उपलब्ध होगी। आधुनिक तकनीक के तहत आरएफआईडी आधारित प्रवेश प्रणाली, बायोमेट्रिक पहचान, आरएफआईडी से पुस्तकों की ट्रैकिंग तथा सॉफ्टवेयर आधारित पुस्तक प्रबंधन व्यवस्था भी लागू की जाएगी।

राज्य सरकार का मानना है कि यह नालंदा परिसर जशपुर जिले के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का मजबूत केंद्र बनेगा तथा उन्हें पढ़ाई के लिए बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।