स्वतंत्र बोल
रायपुर, 24 जून 2026: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बुधवार को वीरांगना रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस पर राजधानी रायपुर स्थित केनाल लिंकिंग रोड पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने रानी दुर्गावती के अदम्य साहस, पराक्रम और बलिदान को भारतीय इतिहास की अमूल्य धरोहर बताते हुए उन्हें राष्ट्र की प्रेरणा का अमर स्रोत कहा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रानी दुर्गावती का जीवन राष्ट्रप्रेम, स्वाभिमान और मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण का सर्वोच्च उदाहरण है। उनका शौर्य और त्याग आज भी करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा का प्रकाश स्तंभ बना हुआ है। उन्होंने कहा कि रानी दुर्गावती की गौरवगाथा हमें हर परिस्थिति में साहस, आत्मविश्वास और कर्तव्यनिष्ठा के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी समाज के लिए अपने महान नायकों और गौरवशाली इतिहास का स्मरण करना अत्यंत आवश्यक है। जो समाज अपने इतिहास और विरासत को भुला देता है, उसका भविष्य भी संकटग्रस्त हो जाता है, जबकि जो समाज अपने महापुरुषों का सम्मान और स्मरण करता है, उसका भविष्य सदैव उज्ज्वल रहता है।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने रानी दुर्गावती के जीवन प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने मुगल साम्राज्य की विशाल सेना के सामने अद्वितीय वीरता का परिचय दिया था। मातृभूमि और स्वाभिमान की रक्षा के लिए उन्होंने अंतिम सांस तक संघर्ष किया और वीरगति को प्राप्त हुईं। उनका बलिदान भारतीय इतिहास में साहस और स्वाभिमान के अनुपम अध्याय के रूप में सदैव याद किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश “विकास भी, विरासत भी” के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहा है। विकास तभी सार्थक माना जाएगा जब हम अपनी सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक चेतना और महान विभूतियों के योगदान को भी समान महत्व देते हुए संरक्षित करें। उन्होंने कहा कि रानी दुर्गावती ने जिस राष्ट्रचेतना, आत्मसम्मान और संघर्ष की भावना का संचार किया, वह आज भी समाज को नई दिशा प्रदान कर रही है।
उन्होंने कहा कि रानी दुर्गावती का जीवन केवल इतिहास का हिस्सा नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है। उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के संकल्प को और अधिक मजबूती के साथ आगे बढ़ाया जा सकता है।
कार्यक्रम में कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप, विधायक पुरंदर मिश्रा, विधायक भूलन सिंह मरावी, डॉ. नंदकुमार साय, रायपुर नगर निगम महापौर मीनल चौबे, छत्तीसगढ़ औषधीय पादप बोर्ड के अध्यक्ष विकास मरकाम, छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रूप सिंह मंडावी सहित अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।


