स्वतंत्र बोल
सूरजपुर 03 जून 2026: सूरजपुर की राजनीति में कांग्रेस ने ऐसा फैसला लिया है, जिसने संगठन के भीतर और बाहर नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। जिन नेताओं और कार्यकर्ताओं को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में छह साल के लिए बाहर का रास्ता दिखाया गया था, अब उन्हें फिर से कांग्रेस में शामिल कर लिया गया है।
जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, पार्टी से निष्कासित किए गए 9 सदस्यों का निष्कासन समाप्त कर उन्हें पुनः कांग्रेस की सदस्यता प्रदान की गई है। यह निर्णय छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज की अनुमति के बाद जिला कांग्रेस अध्यक्ष शशि सिंह द्वारा लिया गया है।
जानकारी के मुताबिक, नगरीय निकाय चुनाव के दौरान कथित बगावत और पार्टी लाइन से अलग गतिविधियों के आरोप में इन नेताओं को छह वर्षों के लिए निष्कासित किया गया था। उस समय संगठन ने इसे अनुशासनात्मक कार्रवाई बताते हुए कड़ा संदेश देने की कोशिश की थी।
हालांकि अब बदले राजनीतिक हालात और संगठनात्मक समीकरणों के बीच कांग्रेस ने बड़ा यू-टर्न लेते हुए पांच पुरुष और चार महिला सदस्यों को फिर से पार्टी में शामिल कर लिया है। इस फैसले के बाद जिले के राजनीतिक माहौल में नई हलचल देखने को मिल रही है।
पार्टी के इस कदम को लेकर कार्यकर्ताओं की प्रतिक्रियाएं भी अलग-अलग हैं। कुछ लोग इसे संगठन को मजबूत करने की रणनीति मान रहे हैं, जबकि कुछ कार्यकर्ताओं के बीच नाराजगी की चर्चा भी सामने आ रही है। उनका मानना है कि जिन लोगों पर अनुशासनहीनता के आरोप लगाकर कार्रवाई की गई थी, उनकी इतनी जल्दी वापसी कई सवाल खड़े करती है।
वहीं राजनीतिक विश्लेषक इस फैसले को आगामी चुनावी रणनीति और संगठनात्मक मजबूती से जोड़कर देख रहे हैं। उनका मानना है कि कांग्रेस जिले में सभी गुटों को साथ लेकर आगे बढ़ने की कोशिश कर रही है।
फिलहाल इस फैसले ने सूरजपुर के राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि इन नेताओं की वापसी से कांग्रेस संगठन को कितना फायदा मिलता है और इसका स्थानीय राजनीति पर क्या असर पड़ता है।


