जमीन खरीदने का गेम बदल गया: पत्नी या मां के नाम रजिस्ट्री पर लाखों की बचत, सरकार के फैसले ने खोल दिया बड़ा रास्ता

स्वतंत्र बोल
रायपुर, 23 अप्रैल 2026 :Raipur
 से एक बड़ा फैसला सामने आया है, जिसने जमीन और संपत्ति खरीदने के समीकरण बदल दिए हैं। Chhattisgarh सरकार ने महिलाओं के नाम पर जमीन और प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री कराने पर पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट देने का निर्णय लिया है।

यह फैसला मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai के नेतृत्व में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया, जिसे महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

कैसे होगा लाखों का फायदा

इस फैसले के बाद अगर एक करोड़ रुपये की संपत्ति महिला के नाम पर खरीदी जाती है, तो रजिस्ट्री में बड़ा अंतर देखने को मिलेगा।

पहले जहां महिलाओं को करीब 9.48 लाख रुपये खर्च करने पड़ते थे, अब पंजीयन शुल्क आधा होने से यह राशि घटकर लगभग 7.48 लाख रुपये रह जाएगी। यानी सीधे तौर पर करीब 3.12 लाख रुपये तक की बचत संभव होगी।

पुरुषों के मुकाबले यह अंतर और ज्यादा स्पष्ट होगा, जिससे अब परिवार प्रॉपर्टी महिलाओं के नाम पर लेने की ओर तेजी से बढ़ सकते हैं।

महिलाओं को मिलेगा बड़ा अधिकार

सरकार के इस फैसले से महिलाओं की संपत्ति में भागीदारी बढ़ेगी और उन्हें आर्थिक सुरक्षा भी मिलेगी। अब महिलाओं के लिए अपने नाम पर जमीन या मकान खरीदना ज्यादा आसान और किफायती हो जाएगा।

यह योजना वित्तीय वर्ष 2026-27 से लागू होगी और सरकार को इससे हर साल लगभग 153 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ेगा, लेकिन इसे एक सामाजिक निवेश के रूप में देखा जा रहा है।

देश में तीसरा राज्य बना छत्तीसगढ़

इस तरह की व्यवस्था लागू करने वाले राज्यों में अब Chhattisgarh भी शामिल हो गया है। इससे पहले Uttarakhand और Gujarat में ऐसी छूट दी जा चुकी है।

आम लोगों के लिए क्या मतलब

इस फैसले का सीधा असर आम लोगों और किसानों पर पड़ेगा। कम खर्च में रजिस्ट्री होने से ज्यादा लोग जमीन खरीदने के लिए आगे आएंगे और महिलाओं के नाम संपत्ति दर्ज कराने का चलन बढ़ेगा।

कुल मिलाकर यह फैसला सिर्फ आर्थिक राहत ही नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव की दिशा में भी एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जो आने वाले समय में प्रॉपर्टी बाजार की तस्वीर बदल सकता है।