हाई कोर्ट में बदला ‘सुनवाई का गणित’: 8 अप्रैल से नया रोस्टर लागू, कौन सी बेंच किस मामले की करेगी सुनवाई?

स्वतंत्र बोल
बिलासपुर ,05 अप्रैल 2026: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में 8 अप्रैल से न्यायिक कार्यप्रणाली में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। कोर्ट के रोस्टर में संशोधन करते हुए अब तीन डिवीजन बेंच और 13 सिंगल बेंचों के जरिए नियमित सुनवाई की जाएगी। इस नए रोस्टर के लागू होने के बाद मामलों के बंटवारे में भी महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलेंगे।

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पहली और सबसे अहम डिवीजन बेंच में चीफ जस्टिस Ramesh Sinha और जस्टिस Ravindra Kumar Agrawal शामिल होंगे। यह बेंच जनहित याचिकाओं, हेबियस कॉर्पस पिटीशन, वर्ष 2020 तक की आपराधिक अपील, अवमानना याचिकाएं (क्रिमिनल), धारा 482 के तहत आवेदन और 419 व 378 से जुड़े मामलों की सुनवाई करेगी।

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दूसरी डिवीजन बेंच में जस्टिस Sanjay K Agrawal और जस्टिस Sachin Singh Rajput को जिम्मेदारी दी गई है। यह बेंच सिविल मामलों, कंपनी अपील, टैक्स मामलों और 2022 तक के अल्ट्रा वायरस मामलों की सुनवाई करेगी। साथ ही यह बेंच कमर्शियल अपीलेट के रूप में भी कार्य करेगी।

तीसरी डिवीजन बेंच में जस्टिस Sanjay K Agrawal और जस्टिस N K Vyas शामिल होंगे। यह बेंच उन आपराधिक मामलों की सुनवाई करेगी जो किसी अन्य डिवीजन बेंच को आवंटित नहीं किए गए हैं। इसके अलावा 2016 तक की एक्विटल अपील और 2022 तक के अल्ट्रा वायरस मामलों पर भी यही बेंच फैसला करेगी।

इसके अतिरिक्त चीफ जस्टिस Ramesh Sinha की स्पेशल सिंगल बेंच समेत कुल 13 सिंगल बेंच भी निर्धारित की गई हैं, जो विभिन्न प्रकार के मामलों की नियमित सुनवाई करेंगी।

नए रोस्टर के लागू होने के साथ ही हाई कोर्ट में मामलों के निपटारे की प्रक्रिया को और अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाने की कोशिश की जा रही है। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि यह नया सिस्टम न्यायिक प्रक्रिया को कितना तेज और सुगम बना पाता है।