स्वतंत्र बोल
दुर्ग 03जून 2025: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान और उन पर कार्रवाई के लिए गठित विशेष कार्य बल (एसटीएफ) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। छावनी थाना क्षेत्र के कैम्प-02 अमन लकड़ी टाल के पास से दो बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है, जो लगभग 10-12 वर्षों से फर्जी दस्तावेजों के सहारे भारतीय पहचान के साथ छत्तीसगढ़ में अवैध रूप से निवासरत थे। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मोहम्मद अब्दुल रौब हुसैन और साथी खातून के रूप में हुई है, जो मूलतः जिला जेस्सोर, बांग्लादेश के निवासी हैं। दोनों आरोपियों ने भारत-बांग्लादेश सीमा को अवैध रूप से पार कर पहले पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना में शरण ली और वहीं से फर्जी भारतीय दस्तावेज बनवाकर भारत में अवैध रूप से बस गए।
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गुप्त सूचना पर की गई त्वरित कार्यवाही
दिनांक 03 जून 2025 को एसटीएफ को एक गुप्त सूचना प्राप्त हुई कि कैम्प-02 में स्थित एक किराए के मकान में एक संदिग्ध पुरुष और महिला फर्जी नाम और पहचान के सहारे रह रहे हैं। सूचना की तस्दीक के लिए एसटीएफ और छावनी थाना पुलिस की संयुक्त टीम गठित कर त्वरित कार्रवाई की गई। पूछताछ और दस्तावेजों की गहन जांच के बाद यह स्पष्ट हुआ कि पुरुष आरोपी मोहम्मद अब्दुल रौब हुसैन, अपने को मोहम्मद अली शेख बताकर रह रहा था। वहीं महिला आरोपी, जो वास्तविक रूप से साथी खातून है, उसने अपना नाम साथी शेख बताकर भारतीय पहचान के साथ निवास कर रही थी। दोनों ने आधार कार्ड, पैन कार्ड, मतदाता परिचय पत्र और बैंक पासबुक जैसे फर्जी दस्तावेजों के सहारे खुद को भारतीय साबित करने का प्रयास किया।
मोबाइल डेटा से मिले अहम सुराग
जांच के दौरान जब दोनों के मोबाइल डेटा की जांच की गई, तो बांग्लादेशी पासपोर्ट, पहचान पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, तथा वहां के ग्रामीण बैंक से जुड़े दस्तावेज भी पाए गए। इन दस्तावेजों को पुलिस ने विधिवत जब्त कर लिया है। जांच में सामने आया कि मोहम्मद अब्दुल रौब हुसैन वर्ष 2012 में अवैध रूप से भारत में प्रवेश किया और बंगाल में एक स्थानीय महिला से विवाह कर उसके सहयोग से फर्जी पहचान बनाई। वहीं, साथी खातून ने वर्ष 2014 में भारत में घुसपैठ की, और पिछले 7-8 महीनों से भिलाई के कैम्प-02 क्षेत्र में एक किराए के मकान में रह रही थी।
दोनों ने भारतीय नागरिकता की फर्जी पहचान हासिल करने के लिए जन्मतिथि में बदलाव कर आधार कार्ड, बैंक खाता और अन्य दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल किया। साथी खातून द्वारा भी बांग्लादेश में रह रहे परिजनों से मोबाइल और इंटरनेट कॉल के माध्यम से लगातार संपर्क में रहना पाया गया। दोनों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 319(2), 336(3), 3(5), 61, विदेशी नागरिक अधिनियम 1946 की धारा 14, भारतीय पासपोर्ट अधिनियम 1967 की धारा 12, तथा पासपोर्ट (भारत में प्रवेश) अधिनियम 1920 की धारा 3 के तहत थाना छावनी में अपराध क्रमांक 275/2025 दर्ज कर लिया गया है और मामले की विवेचना जारी है।
