स्वतंत्र बोल
रायपुर 02 मई 2025. राजधानी के जिला सहकारी बैंक के स्टाफ कमेटी की बैठक 30 अप्रैल को बैंक में हुआ। बैठक पंजीयक और ओआईसी कुलदीप शर्मा की अध्यक्षता में सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक चला, सूत्रों के अनुसार पांच घंटे की मैराथन बैठक में स्टाफ कमेटी ने कई बड़े निर्णय लिया है। बैठक में बैंक के विभिन्न ब्रांचो में हुए घोटाले और जाँच रिपोर्ट पर चर्चा हुई, बताते है कि ओआईसी ने घोटाले में शामिल कर्मियों की एक एक कर पेशी की, और उनसे जवाब मांगा। बैंक सूत्रों के अनुसार गड़बड़ी करने वाले करीब 40 बैंक कर्मियों का पेशी होना था, जिसमे आधा दर्जन से अधिक बैंककर्मी गायब रहे। घोटालेबाजो के सरगना बैंक कर्मचारी संघ के अध्यक्ष मोहन साहू आवेदन देकर नदारद रहा।
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2 बाद भी निर्णय सार्वजनिक नहीं-
स्टाफ कमेटी की बैठक 30 अप्रैल को दोपहर 3 बजे तक चली, लेकिन दो दिनों बाद भी (खबर लिखे जाने तक) लिए गए निर्णय सार्वजनिक नहीं हुआ है। सकल लाभ का प्रेस नोट जारी कर ढिंढोरा पीटने वाले बैंक के जिम्मेदारों ने बैठक के मिनिट्स या लिये गए निर्णयों को अब तक सार्वजनिक नहीं किया है। जिसके बाद सवाल उठ रहा है कि आखिर देरी क्यों की जा रही ? बैंकिंग से जुड़े एक पदाधिकारी ने आशंका जाहिर कि घोटालेबाज कर्मियों को बचाने मोल-भावतो नहीं किया जा रहा है ?
बैंककर्मियों के अनुसार बैंक में वर्षो से घोटाला जारी है, बीते दस वर्षो में अनेको बड़े घोटाले हुए लेकिन आरोपितों पर ठोस कार्यवाही नहीं की गई,, जिसका परिणाम है कि बैंक में भ्रस्ट कर्मियों की संख्या बढ़ गई है।
