7 साल से ट्रेन में भीख मांगने वाला सैनिक का दिव्यांग बेटा Kamlesh Choubey बना लखपति

स्वतंत्र बोल
बिहार 28 मार्च 2025.
 
बिहार के बक्सर जिले के ठेदुआ गांव के दिव्यांग कमलेश चौबे की किस्मत ने उस वक्त करवट ली जब उनकी मुलाकात रक्षा लेखा प्रधान नियंत्रक (पेंशन) के वेलफेयर अधिकारी मनोज कुमार सिंह से हुई।7 साल से ट्रेन में भीख मांगकर अपनी जिंदगी बसर कर रहे कमलेश की जिंदगी में बड़ा बदलाव आया।

जिम्मेदारियों ने किया भीख मांगने पर मजबूर

कमलेश के पिता दीनानाथ सेना में नायक के पद से 1989 में सेवानिवृत्त हुए थे और 2000 में डीएससी से भी रिटायर हो गए थे। इसके बाद परिवार की स्थिति बिगड़ने लगी। 2006 में कमलेश की शादी हुई लेकिन 2009 में उनकी मां का निधन हो गया और 2014 में पिता का भी देहांत हो गया। छोटे भाई ने भी उनकी मदद करना बंद कर दिया जिससे उन्हें मजबूरन ट्रेन में भीख मांगने का सहारा लेना पड़ा।

मनोज कुमार सिंह से हुई मुलाकात ने बदली जिंदगी

2023 में पटना-बक्सर ट्रेन में उनकी मुलाकात मनोज कुमार सिंह से हुई। जब मनोज को पता चला कि एक सैनिक का दिव्यांग बेटा भीख मांग रहा है तो उन्होंने मामले की गंभीरता से जांच की और कागजी कार्यवाही के बाद कमलेश की पेंशन मंजूर करवाई।

15 लाख रुपये और 21 हजार रुपये की मिली पेंशन

कमलेश को अगस्त 2024 में 15 लाख रुपये की राशि मिली और अब उन्हें हर महीने 21,000 रुपये की पेंशन भी मिल रही है। इस परिवर्तन ने उनकी जिंदगी को पूरी तरह से बदल दिया। इस मौके पर रक्षा लेखा प्रधान नियंत्रक (पेंशन) कार्यालय में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें कमलेश का सम्मान किया गया और मनोज कुमार सिंह की सराहना की गई।अब कमलेश की जिंदगी में एक नई उम्मीद की किरण दिखाई दे रही है।