स्वतंत्र बोल
प्रयागराज 30 जनवरी 2025.महाकुंभ में मची भगदड़ की न्यायिक आयोग जांच टीम शुक्रवार 31 जनवरी को प्रयागराज पहुंचेगी। टीम दोपहर करीब 1 बजे प्रयागराज पहुंचेगी। इस हादसे में अब तक 30 लोगों की मौत हो गई और 60 लाख घायल हुए।
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मौनी अमावस्या के स्नान के लिए उमड़ी भीड़ में मची भगदड़ की जांच के लिए राज्य सरकार की ओर से न्यायिक जांच आयोग बनाया गया है, जिसने बृहस्पतिवार को ही अपना काम शुरू कर दिया।जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे न्यायिक जांच आयोग के सदस्य लखनऊ से निकलेंगे और दोपहर करीब 1 बजे टीम प्रयागराज पहुंचेगी। इसके बाद सबसे पहले दोपहर 2 बजे आयोग सभी अधिकारियों के साथ बैठक करेगा। बैठक के बाद टीम घटना वाली जगह का दौरा करेगी।
इससे पहले न्यूज एजेंसी PTI ने आधिकारिक सूत्रों के हवाले से यहां बताया कि महाकुंभ हादसे की जांच के लिए गठित तीन सदस्य न्यायिक आयोग ने अपने गठन के अगले ही दिन काम शुरू कर दिया है। आयोग के तीनों सदस्य आज लखनऊ में अपने दफ्तर पहुंचे।सूत्रों के मुताबिक मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह और पुलिस महानिदेशक (DGP) प्रशांत कुमार प्रयागराज पहुंच चुके हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार शाम को ही इलाहाबाद हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस हर्ष कुमार की अध्यक्षता में एक न्यायिक जांच आयोग बनाने का ऐलान किया था। पूर्व IPS वीके गुप्ता और पूर्व IAS डीके सिंह भी इस आयोग के सदस्य हैं।आयोग को अपने गठन के एक महीने के अंदर मामले की जांच रिपोर्ट देनी होगी।
इस सिलसिले में जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, आयोग भगदड़ के कारणों और परिस्थितियों की जांच करेगा। साथ ही भविष्य में ऐसी घटना को रोकने के सिलसिले में सुझाव भी देगा।
महाकुंभ में क्यों मची भगदड़?
मौनी अमावस्या पर संगम में पवित्र डुबकी लगाने के लिए लाखों की संख्या में श्रद्धालु महाकुंभ में जुटे थे। DIG महाकुंभ वैभव कृष्ण ने बताया कि भगदड़ कैसे मची।उन्होंने भगदड़ के कारण के बारे में बताया, “मौनी अमावस्या पर स्नान के लिए ब्रह्म मुहूर्त से पहले देर रात एक से दो बजे के बीच मेला क्षेत्र में अखाड़ा मार्ग पर भारी भीड़ का दबाव बना। उस दबाव के कारण दूसरी ओर के बैरिकेट टूट गए और भीड़ के लोगों ने बैरिकेट लांघ कर दूसरी तरफ ब्रह्म मुहूर्त के स्नान का इंतजार कर रहे श्रद्धालुओं को अनजाने में कुचलना शुरू कर दिया। इसी वजह से यह घटना हुई।”
