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बिलासपुर 24 अक्टूबर 2026: छत्तीसगढ़ में ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों के लिए रेलवे ने नई पहल की है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने राज्य से चलने वाली चुनिंदा लंबी दूरी की ट्रेनों के जनरल कोच में साफ-सफाई के लिए बेटर ऑन-बोर्ड सर्विसेजनीति लागू की है।
इसके तहत शौचालय, प्रवेश द्वार और डस्टबिन की नियमित सफाई होगी। सफाई की निगरानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), जियो-टैगिंग और मोबाइल ऐप के जरिए की जाएगी।
इन तीन ट्रेनों में लागू होगी नई व्यवस्था
भारतीय रेल ने ‘52 सप्ताह में 52 सुधार’ परिवर्तन एजेंडे के तहत यह पहल शुरू की है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर और रायपुर मंडल से चलने वाली तीन लंबी दूरी की ट्रेनों में इसे लागू किया जाएगा।
इनमें शामिल हैं:
- छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस (18237/18238): बिलासपुर से अमृतसर।
- हमसफर एक्सप्रेस (20847/20848): दुर्ग से हजरत निजामुद्दीन।
- सुपरफास्ट एक्सप्रेस (12549/12550): दुर्ग से एमसीटीएम उधमपुर।
जनरल कोच के वॉशरूम की हर घंटे होगी सफाई
नई व्यवस्था के तहत अनारक्षित यानी जनरल कोच में भी नियमित सफाई की जाएगी। इसमें शौचालय, प्रवेश द्वार और डस्टबिन की सफाई शामिल है।
सुबह 9 बजे से रात 8 बजे तक वॉशरूम की सफाई हर घंटे की जाएगी। अन्य समय में हर दो घंटे के अंतराल पर सफाई होगी। रेलवे का उद्देश्य सामान्य कोचों में भी साफ-सफाई की व्यवस्था पर विशेष ध्यान देना है।
AI और जियो-टैगिंग से होगी निगरानी
रेलवे सफाई व्यवस्था की निगरानी के लिए तकनीक का इस्तेमाल करेगा। सफाई से पहले और बाद की स्थिति दर्ज की जाएगी। इसकी तस्वीरें मोबाइल ऐप पर अपलोड की जाएंगी।
सफाई के काम का तय मानकों के अनुसार सत्यापन होने के बाद ही ठेकेदारों को भुगतान की अनुमति दी जाएगी। इससे सफाई के काम की निगरानी और उसके रिकॉर्ड को व्यवस्थित रखने की व्यवस्था होगी।
सफाई कर्मचारियों को तकनीकी काम की ट्रेनिंग
नई नीति के तहत सफाई कर्मचारियों को छोटे विद्युत और प्लंबिंग संबंधी कामों की ट्रेनिंग भी दी जाएगी। इससे ट्रेन में लाइट, पंखे और पानी की उपलब्धता से जुड़ी समस्याओं को दूर करने में मदद मिलेगी।


