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धर्म डेस्क 20 अक्टूबर 2026: शारदीय नवरात्रि के समापन के साथ मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को विजयादशमी मनाई जा रही है। इस दिन कई जगहों पर मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माता की विदाई से पहले पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-शांति, खुशहाली और समृद्धि की कामना की जाती है। ऐसे में भक्तों के लिए विसर्जन का शुभ समय और इससे जुड़ी परंपराएं जानना जरूरी है।
दुर्गा विसर्जन 2026 का शुभ मुहूर्त
दी गई जानकारी के अनुसार, दुर्गा विसर्जन के लिए मंगलवार दोपहर 1:14 बजे से 3:30 बजे तक का समय शुभ बताया गया है। इस मुहूर्त की अवधि 2 घंटे 16 मिनट है।
- दुर्गा विसर्जन की तारीख: मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026
- शुभ मुहूर्त: दोपहर 1:14 बजे से 3:30 बजे तक
- मुहूर्त की अवधि: 2 घंटे 16 मिनट
विसर्जन के समय को लेकर स्थानीय पंचांग और परंपराओं के अनुसार अंतर हो सकता है। इसलिए अपने शहर के पंचांग से समय की पुष्टि करना उचित रहेगा।
दुर्गा विसर्जन से पहले क्या करें?
मां दुर्गा की विदाई से पहले भक्त विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हैं। सबसे पहले माता के सामने दीपक जलाकर आरती की जाती है। इसके बाद फूल, फल, मिठाई और अन्य प्रसाद अर्पित कर परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की प्रार्थना की जाती है।
कई घरों और पूजा पंडालों में माता को सिंदूर, चुनरी और श्रृंगार की सामग्री अर्पित करने की परंपरा भी निभाई जाती है। कुछ क्षेत्रों में महिलाएं एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर सौभाग्य और खुशहाली की कामना करती हैं।
पूजा के बाद भक्त मां दुर्गा से अगले साल फिर आने की प्रार्थना करते हैं। इसके बाद श्रद्धा और भक्ति के साथ माता को विदाई दी जाती है।
मां दुर्गा की विदाई का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा शक्ति, साहस, ज्ञान और समृद्धि की कामना के लिए की जाती है। विजयादशमी पर विसर्जन के साथ कई स्थानों पर दुर्गा पूजा उत्सव का समापन होता है।
दुर्गा विसर्जन केवल प्रतिमा को जल में विसर्जित करने की परंपरा नहीं है। यह माता के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने और अगले वर्ष फिर आगमन की प्रार्थना करने का अवसर भी माना जाता है। भक्त मां दुर्गा से परिवार में सुख-शांति बनाए रखने और जीवन की परेशानियां दूर करने की कामना करते हैं।


